मोहाली। पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड में करवाए गए सम्मेलन के दौरान नई पीढ़ी की शिक्षा के लिए शिक्षा ढांचे पर पुनर्विचार विषय पर एक विशेष सत्र का आयोजन किया गया। इसमें विशेषज्ञों ने चर्चा की कि छात्रों के कौशल शिक्षा विचारों को वास्तविकता में कैसे बदला जाए और उन्हें कैसे संरक्षित किया जाए। इस संबंध में, विभिन्न विशेषज्ञ इस बात पर सहमत थे कि प्रत्येक बच्चे की सोच मूल्यवान है और उनके बौद्धिक विकास को पोषित करना आवश्यक है। इस मौके चेयरमैन डॉ. अमरपाल सिंह ने कहा की प्रत्येक विद्यार्थी के मन में कोई न कोई नया विचार होता है। हम चाहते हैं कि विद्यार्थियों के सपने साकार हों और कोई भी उनकी बौद्धिक संपदा को चुरा न सके। डॉ. रमिंदरजीत कौर ने कहा कि अब स्कूलों में विद्यार्थियों में समस्या समाधान कौशल और अंतर्दृष्टि विकसित करने के लिए नए तरीके अपनाए जाएंगे।