मोहाली। फेज-3बी1 में पंजाब के पहले लिवर इंस्टीट्यूट अस्पताल (पंजाब इंस्टीट्यूट ऑफ लीवर एंड बाइलरी साइंसेज) में 63 साल के एक बुजुर्ग मरीज के लिवर कैंसर की सफल जटिल सर्जरी करके उसे नया जीवनदान दिया गया है। शहर के पीआईएलबीएस ने चिकित्सा क्षेत्र में बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए एक बेहद मुश्किल लिवर सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है। पहली बार मोहाली में इतनी जटिल लिवर सर्जरी हुई है। इससे पहले ऐसे मामलों के लिए मरीजों को मेट्रो शहरों का रुख करना पड़ता था। पीआईएलबीएस अब लिवर और बाइलरी डिजीज के इलाज का प्रमुख केंद्र बन रहा है।
सर्जरी के चीफ सर्जन प्रोफेसर के. राजशेखर ने पूरी टीम को बधाई दी और कहा कि ये सफलता एक टीम एफर्ट का नतीजा है। उन्होंने एनेस्थीसिया विभाग के हेड प्रोफेसर एलएन यदनापुड़ी और डायरेक्टर प्रोफेसर वीरेन्द्र सिंह की भूमिका को भी अहम बताया। प्रो. वीरेन्द्र सिंह ने कहा कि अब पंजाब के लोगों को जटिल लिवर सर्जरी के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा। हमारी कोशिश है कि जल्द ही यहां लिवर ट्रांसप्लांट की सुविधा भी शुरू की जाए।
जिनको लिवर का कैंसर (इंट्रा-हेपेटिक कोलेन्जियोकार्सिनोमा) था वे 63 साल के बुजुर्ग हैं। उनको यह कैंसर लिवर की नसों, पोर्टल वेन, डक्ट और हिलम जैसे बेहद नाजुक हिस्सों में फैल चुका था। मरीज कई सरकारी और निजी अस्पतालों में इलाज कराकर थक चुका था, लेकिन कहीं से राहत नहीं मिली। आख़िरकार, उसने पीआईएलबीएस मोहाली में इलाज करवाने का फैसला किया। सर्जरी के दौरान एक्सटेंडेड लेफ्ट हेपेटेक्टॉमी जैसी जटिल प्रक्रिया अपनाई गई और सर्जरी के बाद लिवर में कोई कैंसर बचा हुआ नहीं दिखा। अब इस सफल जटिल सर्जरी के बाद मरीज की हालत स्थिर है।