जीरकपुर। नगर परिषद कर्मचारियों की 11 दिन की हड़ताल खत्म होने के बाद शहर में सफाई व्यवस्था बहाल हो गई है। प्रशासन ने बुधवार को विशेष अभियान चलाकर लोहगढ़, भबात, बलटाना और ढकोली समेत कई क्षेत्रों से कूड़े के ढेर हटाए। इससे मुख्य सड़कें, बाजार और रिहायशी कॉलोनियां साफ नजर आईं, जिससे लोगों को राहत मिली। हड़ताल के दौरान डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण पूरी तरह रुक गया था। घरों से निकलने वाला कचरा सड़कों, खाली प्लॉटों और कूड़ाघरों के आसपास जमा होता रहा।
लगातार बारिश से कूड़ा सड़ने लगा, जिससे दुर्गंध फैली और मच्छरों व संक्रमण का खतरा बढ़ा। कई स्थानों पर लोगों ने प्रशासन के प्रति नाराजगी भी जताई थी। हड़ताल समाप्त होने पर नगर परिषद ने अतिरिक्त कर्मचारी, ट्रैक्टर-ट्रॉली और अन्य वाहन लगाए। सबसे पहले उन इलाकों को प्राथमिकता दी गई जहां कूड़ा अधिक जमा था। लोहगढ़, बलटाना, भबात और ढकोली में दिनभर सफाई अभियान चला। बड़ी मात्रा में कूड़ा उठाया गया और डोर-टू-डोर संग्रहण सेवा भी दोबारा शुरू हुई। नगर परिषद की सैनिटेशन ब्रांच के अधिकारियों ने बताया कि विशेष सफाई अभियान जारी रहेगा। शहर के सभी वार्डों में अगले कुछ दिनों तक यह अभियान चलेगा। जिन इलाकों में अभी भी कूड़ा है, वहां चरणबद्ध तरीके से सफाई होगी। स्थानीय लोगों ने कहा कि 11 दिनों तक कूड़ा न उठने से हालात खराब हो गए थे। उन्होंने भविष्य में ऐसी स्थिति न होने की मांग की।
सफाई व्यवस्था बहाल करने के प्रयास
मनोज कुमार, इंस्पेक्टर, सैनिटेशन ब्रांच, जीरकपुर नगर परिषद ने इस पर टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि सभी सफाई कर्मचारियों को तुरंत ड्यूटी पर लगाया गया है। प्रत्येक वार्ड में विशेष अभियान चलाकर जमा कूड़ा हटाया जा रहा है। मनोज कुमार ने विश्वास दिलाया कि सफाई व्यवस्था जल्द ही पूरी तरह सामान्य हो जाएगी।