फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हाथरस घटना पर फूटा सफाई कर्मचारियों का गुस्सा, निकाला रोष मार्च

विज्ञापन
विज्ञापन
मोहाली। शहर के क्रिकेट स्टेडियम के नजदीक लगते फेज-10 के पार्क में सफाई कर्मचारी पंजाब महासंघ एवं चौकीदारों, सफाई कर्मचारियों और वाल्मीकि समुदाय के लोगों की ओर से सोमवार को बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किया गया। यह विरोध मार्च फेज -9 से शुरू होकर पैदल ही फेज -7 के चौक तक पहुंचा। इस मौके पर सफाई कर्मचारियों ने यूपी में योगी सरकार और केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उनके पुतले फूंके।
विज्ञापन

हाथरस में सामूहिक दुष्कर्म की घटना पर विरोध जाहिर करते हुए सफाई कर्मचारियों ने कहा कि यह एक अमानवीय अपराध है। केवल आरोपियों का ही नहीं बल्कि जिले के पुलिस एवं प्रशासन की नालायकी है कि एक लड़की को मारने के बाद भी अंतिम संस्कार से भी वंचित रखा गया। इस लापरवाही के लिए उत्तर प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री भी उतने ही जिम्मेदार हैं। इस रोष मार्च का नेतृत्व करने वाले नेताओं ने कहा कि उनकी मांग है कि पीड़िता के कातिलों को जल्द से जल्द फांसी दी जाए और पीड़ित परिवार की मांगों को पूरा किया जाए। वहीं जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती तब तक पीड़ित परिवार को सुरक्षा दी जाए। नेताओं ने कहा कि हाथरस के डीएम को तुरंत बर्खास्त किया जाए।
इस रैली में नेता सज्जन सिंह, वरिष्ठ नेता, कर्मचारी संघ, मोहन सिंह, पंजाब सफाई मजदूर महासंघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष, पवन गोयल, महासचिव, सोभा राम, अध्यक्ष, सफाई मजदूर संघ के अध्यक्ष, राजन चावरिया, अध्यक्ष, डोर टू डोर गारबेज कलेक्टर कमेटी प्रमुख थे। संविदा कर्मचारी एक्शन कमेटी के अध्यक्ष गुरप्रीत सिंह राजा, अनिल कुमार बड़ी संख्या में उपस्थित थे। इनके अलावा मोहाली प्रशासन से तहसीलदार सुखपिंदर कौर मांग पत्र लेने पहुंची और नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम तहसीलदार सुखपिंदर कौर को मांग पत्र सौंपा। नेताओं ने चेतावनी दी है कि अगर हत्यारों को निर्धारित समय के भीतर सजा नहीं दी गई, तो पूरा वाल्मीकि समुदाय पंजाब सहित भारतीय स्तर पर सफाई कार्य को रोककर हड़ताल पर चले जाएंगे, जिसकी केंद्र सरकार जिम्मेदार होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें