नयागांव। लोगों की ओर से घरों में बनाए गए सेप्टिक टैंकों की सफाई और बदबू से लोगों को राहत मिल जाएगी। इतना ही नहीं टैंकों की सफाई के बाद उसने निकलने वाला ठोस मलबा खाद और पानी को पेड़ पौधों की सिंचाई के लिए इस्तेमाल करने लायक बनाया जाएगा।
केंद्र सरकार के हाउसिंग एवं शहरी विकास मंत्रालय के एक पंजाब समेत तीन राज्यों में मल्टी डिस्क स्क्रू प्रेस स्लज डीवाटरिंग मशीन का ट्रायल शुरू किया है। पंजाब में इस प्रोजेक्ट के तीन दिवसीय ट्रायल की शुरूआत नयागांव से की गई है। इसके साथ ही मोरिंडा में किया जाएगा। अगर ट्रायल कामयाब रहा तो इसे पूरे पंजाब में लागू किया जाएगा।
जानकारी के मुुताबिक नयागांव की जनसंख्या करीब 1.5 लाख तक पहुंच गई है, लेकिन जगह की दिक्कत के चलते इलाके में अभी तक सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट नहीं लगाया गया है। जिस कारण लोगों ने अपने-अपने घरो में सेप्टिक टैंक बनाए हुए हैं। ऐसे में टैंकों की सफाई के लिए भारी रकम अदा करनी पड़ती है। वहीं, हर समय खतरा बना रहता है। लेकिन इस प्रोजेक्ट से उम्मीद है कि लोगों को काफी फायदा होगा। इलाके ट्रायल पंजाब वाटर सप्लाई एवं सीवरेज बोर्ड के रोपड़ डिवीजन द्वारा नोएडा की एक प्राइवेट कंपनी माइक्रो ट्रांसमिशन सिस्टम के साथ मिलकर किया जा रहा है। विभाग के जेई गुरप्रीत सिंह ने बताया की इस सिस्टम को उन इलाकों में लगाया जाएगा।
जहां पर अब तक सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट नहीं लग सका है। इस सिस्टम का ट्रायल पूरे देश में सिर्फ पंजाब, उड़ीसा एवं उत्तर प्रदेश में किया जा रहा है। पंजाब में सर्वप्रथम नयागांव में इसका ट्रायल चल रहा है। अगर ट्रायल सफल होता है तो इस पूरे सिस्टम को एक मोबाइल वैन पर लगाया जाएगा, जिससे इलाके के लोगों को इसका फायदा मिलेगा।
ऐसे काम करेगा यह सिस्टम
इस प्रोजेक्ट में मोबाइल वैन को उस घर तक ले जाया जाएगा जिस घर के सेप्टिक टैंक की सफाई करनी होगी। मशीन द्वारा सेप्टिक टैंक से गंदा पानी एवं मलबा मशीन से खींचा जाएगा। साथ ही मशीन गंदे पानी को पोली इलेक्ट्रोलाइट करके अपने दूसरे टैंक मे एकत्रित करेगी और जो ठोस मलबा होगा उसको दूसरी जगह एकत्रित करेगी। जिससे ठोस मलबे का खाद बनाया जा सकता है और साथ ही जो पॉलिलेक्ट्रोलाइट किया हुआ पानी होगा उसे पार्क या खेत में उपयोग किया जा सकता है
नयागांव के बाद मोरिंडा में होगा ट्रायल
यह पूरे देश का पहला मोबाइल सीवरेज ट्रीटमेंट सिस्टम होगा। जिन इलाकों में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट नहीं है, वहां के लिए यह बहुत ही उपयोगी साबित होगा। पूरे पंजाब में अभी सिर्फ दो शहरों में टेस्टिंग की जाएगी नयागांव के नतीजे जांचने के बाद इस मशीन का मोरिंडा में ट्रायल किया जाएगा।
- तरुण गुप्ता, एसडीओ, पंजाब वाटर सप्लाई एवं सीवरेज बोर्ड।