30 दिसंबर को ट्रायल बेस पर 7 कोच वाली विस्टाडोम (पारदर्शी कोच) ट्रेन कालका शिमला रेल ट्रैक पर दौड़ेगी। इसका उद्घाटन उत्तर रेलवे के जीएम टीपी सिंह करेंगे। इसके बाद टूरिस्ट इस टॉय ट्रेन का कालका से शिमला के बीच सफर का लुत्फ उठा सकेंगे। ट्रेन के हर कोच में 15 सीटें हैं। हर कोच में चेयर कार जैसी सीटें लगाई गई हैं जो कालका से शिमला के बीच के सफर को आरामदायक बनाएंगी। इसके हर कोच को तैयार करने में करीब दस लाख रुपये का खर्च आया है।
कांच की बनी है छत
विस्टाडोम कोच की छत कांच की बनी है। इसकी खिड़कियां भी पारदर्शी हैं। लिहाजा ट्रेन से बाहर और आसमान का नजारा बेहतर दिखता है। बता दें कि कालका शिमला रूट पर विस्टाडोम कोच को पॉपुलर बनाने के लिए रेलवे ने हॉप ऑन-हॉप ऑफ सर्विस भी शुरू की है। यानी इस रूट पर मिलने वाले किसी भी स्टेशन पर पैसेंजर्स उतरकर कुछ वक्त बिता सकते हैं, बाद में दूसरी रेलगाड़ी में चढ़ सकते हैं।
किराया 500 से 700 के बीच
चेयर कार वाली इस ट्रेन में सैलानियों के खाने-पीने के लिए पैंट्री कार की सुविधा होगी। सर्दियों के दौरान कोच में हीटर भी चलाया जाएगा, ताकि ठंड से यात्रियों को परेशान न होना पड़े। विस्टाडोम कोच होने के कारण इसका किराया कुछ अधिक रखा जाएगा। हालांकि, अभी इसका खुलासा रेलवे ने नहीं किया है। फिर भी अंदाजा है कि किराया 500 से 700 रुपये के बीच होगा।
कोच में मिलेंगी ये सुविधाएं
ट्रेन की विंडो पर बड़े-बड़े ग्लास लगे हैं।
धूप से बचने के लिए इन पर पर्दे भी लगे हैं।
ग्लास विंडो को पूरा ओपन भी किया जा सकता है।
गर्मी से बचने के लिए इसमें एसी और सर्दी से बचने के लिए हीटर की सुविधा भी है।
चेयरकार कोच में आरामदायक कुर्सियां लगी हैं, जिसे आगे-पीछे भी किया जा सकता है।
प्रत्येक कोच में कुल 15 सीटें हैं। ट्रेन के हर कोच में शौचालय की सुविधा है।