जीरकपुर। वर्ष 2020 में होने वाले नगर काउंसिल चुनाव को लेकर गतिविधियां तेज हो गई हैं। नगर काउंसिल जीरकपुर पर 15 सालों से अकाली-भाजपा काबिज है। इस बार चुनाव में समाजसेवी संस्थाओं से जुड़े लोग भी उतरने की तैयारी में हैं। कई उम्मीदवारों ने तो मतदाताओं के साथ संपर्क साधना भी शुरू कर दिया है।
बेशक अब तक वार्ड बंदी फाइनल न होने के कारण किसी भी राजनीतिक दल ने अपने उम्मीदवार घोषित नहीं किए हैं, परंतु चुनाव लड़ने के इच्छुक उम्मीदवारों ने अपने अपने वार्डों में सरगर्मियां तेज कर दी हैं। जीरकपुर के लोगों को पीने का पानी, सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट, नक्शा फीस कम करने, प्रदूषण की समस्या, स्थायी बस अड्डा, सरकारी कॉलेज, मॉडल स्कूल, सार्वजनिक टॉयलेट्स आदि की सुविधा अभी तक नहीं मिली है। जबकि नगर काउंसिल के चुनाव नजदीक आ गए हैं तो फिर से इन्हीं मुद्दों पर वोट मांगे जाएंगे।
सीएम ने चुनाव आयोग को लिखा पत्र
मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने चुनाव आयोग को अक्टूबर महीने के दूसरे सप्ताह में पंजाब नगर निगम और नगर काउंसिल के चुनाव करवाने के लिए पत्र लिखा है। जिन लोगों ने चुनाव के मैदान में उतरना है वे अंदरखाते तैयारी में जुट गए हैं। अब जीरकपुर में सभी राजनीतिक दल अपने-अपने जिन प्रत्याशियों को मैदान में उतारना चाहते हैं, उनको तैयार कर रहे हैं। कई नेता अपने-अपने ग्रुप बना रहे हैं और उन्होंने सभी वार्ड में जाकर विशेष लोगों को अपने साथ जोड़ना शुरू कर दिया है।
नगर काउंसिल में हैं 31 वार्ड
नगर काउंसिल में 31 वार्ड हैं, जिस पर 15 सालों से अकाली-भाजपा से जुड़े पार्षदों का कब्जा रहा है। दूसरी ओर, राज्य में कांग्रेस पार्टी की सरकार है, जिसके चलते शहर में होने वाले विकास कार्यों को लेकर दोनों ही राजनीतिक दलों के नेताओं के बीच नोक-झोंक आए दिन देखने को मिलती है। मार्च तक नगर काउंसिल के भंग होने से पहले राज्य की सत्ता पर काबिज कांग्रेस पार्टी के स्थानीय नेता अगर शहर में कोई नया प्रोजेक्ट लाना चाह रहे थे तो उन्हें नगर काउंसिल से मंजूरी लेने की जरूरत पड़ती थी, लेकिन अकाली-भाजपा से पार्षदों को मंजूरी नहीं मिलती थी। इसी खींचतान के चलते शहरवासियों को बुनियादी सुविधाओं को लेकर परेशानियों का सामना करना पड़ता था।
सितंबर में अंतिम फैसला होने की उम्मीद
22 मार्च के बाद कांग्रेसी नेताओं की प्लानिंग और विकास के मंसूबों पर लॉकडाउन और कर्फ्यू ने पानी फेर दिया था। अब अनलॉकडाउन की प्रक्रिया के चलते कुछ विकास कार्यों और अधिकारियों की बैठकें शुरू हुईं हैं। लेकिन अभी कोरोना संक्रमण लगातार बढ़ रहा है जिसके चलते अक्टूबर में चुनाव होना अभी नामुमकिन लग रहा है। परंतु इस पर अंतिम फैसला अभी सितंबर में होने की उम्मीद है। बावजूद इसके नगर काउंसिल जीरकपुर के अधिकारियों के मुताबिक उनकी ओर से चुनावों को लेकर पूरी तैयारी है।
नहीं बदलेगी वार्डों की संख्या
इस बारे में जीरकपुर नगर काउंसिल के ईओ संदीप तिवारी ने बताया कि वार्ड बंदी को लेकर शनिवार को पहली बैठक हुई थी। इसमें वार्ड बंदी का रफ ड्राफ्ट तैयार किया गया है। जैसे-जैसे बैठकों का सिलसिला आगे बढ़ेगा चीजें साफ होती जाएंगी। वार्ड बंदी का फाइनल ड्राफ्ट तैयार करके लोगों की आपत्तियां जानने के लिए सार्वजनिक किया जाएगा। उन्होंने कहा कि शहर की मौजूदा जनसंख्या को देखते हुए वार्डों की गिनती 31 ही रहेगी। नए शामिल किए गए 5 गांवों को मौजूदा वार्डों में ही एडजस्ट किया जाएगा।