मोहाली। कोरोना महामारी के चलते लगे कर्फ्यू में जिले में फंसे बाहरी राज्यों के लोग इस समय आफत में है। खाने से लेकर पैसे तक की उन्हें दिक्कत आ रही है। काम भी नहीं मिल रहा है। वहीं, इलाके के कुछ लोग उन्हीं के जानकर उनकी इस मजबूरी का भी फायदा उठा रहे हैं।
शनिवार को एक ऐसा ही मामला फेज-2 में आया। जहां पर लोगों को बिहार भेजने के नाम पर चार चार हजार ले लिए गए। वहीं, चार बसे खड़ी कर दी। जिनमें इन लोगों को ले जाने का दावा किया गया। इसकी भनक जैसे ही कांग्रेसी नेता राजा कंवरजोत सिंह मोहाली को लगी। वह तुरंत मौके पर पहुंच गए। उन्होंने तुरंत मामला डीसी व अन्य अधिकारियों को लाया। पता चला है कि किसी तरह की कोई परमिशन तक नहीं ली गई थी। मौके पर थाना फेज-एक के एसएचओ मनफूल सिंह भी पहुंच गए। उन्होंने दो लोगों को मौके से काबू कर लिया था।
अमर उजाला से बातचीत में उन्होंने बताया कि चार बसों को जब्त कर लिया है और बसों के मालिक हरविंदर सिंह और अखिलेश निवासी मदनपुर पर धोखाधड़ी का केस दर्ज कर लिया गया है। इनमें से पुलिस ने अखिलेश को गिरफ्तार कर लिया है। एसएचओ ने कहा कि इस गिरोह में कितने लोग शामिल हैं, इसकी पड़ताल की जा रही है। उन्होंने कहा कि यह अपनी तरह का नया मामला है।
मिली जानकारी के मुुताबिक यह मामला शनिवार दोपहर फेज-2 बस्सी सिनेमा के पास का है। सीनियर कांग्रेसी नेता राजा कंवरजोत ने बताया कि उन्होंने देखा कि काफी संख्या में लोग सामान लेकर बस्सी सिनेमा के पास जमा हो रहे थे। जब उन्होंने लोगों से पूछा तो उन्होंने कहा कि वहां से बिहार के लिए गाड़ियां रवाना हो रही हैं। प्रत्येक सवारी से चार हजार रुपये लिए गए हैं। जबकि बिहार और यूपी के लिए सिर्फ ट्रेन जा रही है। उन्होंने शक होने पर तुरंत डीसी, एसडीएम व आरटीए को इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस तरह की कोई परमिशन उन्होंने नहीं दी है। जिसके बाद सूचना मिलते ही मौके पर थाना फेज-1 पुलिस के एसएचओ मनफूल सिंह पहुंच गए। उन्होंने तुरंत दो लोगों को राउंडअप किया है और बसों को भी थाने ले गए। राजा कंवरजोत ने प्रशासन से मांग की है कि इस गिरोह पर कड़ी कार्रवाई की जाए।
पुलिस की मदद से दोबारा पहुंचाया किराए के घरों में
राजा कंवरजोत सिंह मोहाली ने कहा कि जो लोग वहां पर बिहार जाने के लिए आए थे। उन्होंने कहा कि वे अपने मकान मालिकों को पूरा किराया देकर आ गए हैं। ऐसे में अब उन्हें कोई नहीं रखेगा। इसके बाद पुलिस ने उन्हें दोबारा उनके मकानों में पहुंचाय और मकान मालिकों को कहा कि एक हफ्ते में उनके जाने का इंतजाम हो जाएगा। तब तक उन्हें यहीं शरण दें, देर शाम तक पुलिस इस काम में लगी रही।
पहले भी हो चुकी है ऐसी ठगी
इस तरह का यह पहला मामला नहीं है। इस तरह की ठगी कोरोना महामारी के शुरू में लगे कर्फ्यू के दौरान भी हो चुकी है। जब पंचकूला से एक गाड़ी वाला कुछ लोगों को बिहार ले जाने के नाम पर ले आया था। इसके बाद उन्हें शंभू बैरियर पर उतारकर लाखों रुपये की ठगी की थी। इसके बाद मोहाली के थाना फेज-8 की पुलिस ने केस दर्ज किया था और उस गिरोह के चार लोगों को गिरफ्तार किया था।