मोहाली। काफी समय पहले करोड़ों रुपये की लागत से बनाया गया मोहाली का अति आधुनिक नया एसी बस स्टैंड (बाबा बंदा सिंह बहादुर बस टर्मिनल) सफेद हाथी साबित हो रहा था। इसके चलते जहां लोग परेशान होते थे वहीं, बस स्टैंड चलाने वाली कंपनी को भी नुकसान हो रहा था। लेकिन कोरोना महामारी ने बस स्टैंड की किस्मत खोल दी है।
जैसे ही चंडीगढ़ ने पंजाब की बसों की एंट्री में पूर्ण तौर पर पाबंदी लगा दी तो मजबूरी में सरकार ने फेज-छह बस स्टैंड से ही बसों को चलाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
सोमवार सुबह पांच बजे से राज्य के विभिन्न जिलों के लिए बसों की आवाजाही शुरू हो गई थी। बस स्टैंड पर पूरे इंतजाम किए गए हैं। कोशिश यही है कि लोगों को किसी भी तरह की कोई परेशानी न उठानी पड़े।
जानकारी के मुताबिक पीआरटीसी की तरफ से सोमवार को बस स्टैंड से बसों को चलाने के लिए पूरे प्रबंध किए गए थे। एक तो स्पेशल काउंटर बनाए गए थे। जहां पर टिकट लेने वालों की थर्मल स्कैनिंग की जा रही थी। इसके अलावा बसों में चढ़ने से पहले लोगों के हाथ सैनिटाइज करवाए जा रहे थे। इस दौरान मोहाली बस स्टैंड से लुधियाना, जालंधर, अमृतसर, मोगा व पठानकोट जाने के लिए बसें रवाना हुईं।
अड्डा इंचार्ज गुरिंदर सिंह ने बताया कि पंजाब में चलने वाली पंजाब रोडवेज की सारी बसों को मोहाली बस स्टैंड से चलाया गया है। अब बसें चंडीगढ़ बस स्टैंड की जगह मोहाली से चलेंगी। वहीं, पंजाब के विभिन्न जिलों से आने वाली बसें यहीं रुकेंगी। उन्होंने बताया कि जो बसें रवाना हुईं वो रास्ते में कहीं भी नहीं रुकेंगी। बसों में सामाजिक दूरी का पालन किया जाएगा। इसके अलावा एक बस में 25 से ज्यादा लोगों को चढ़ने नहीं दिया गया।
इस मौके पर विशेष तौर पर ड्यूटी पर तैनात ट्रैफिक जोन-एक के इंचार्ज नरिंदर सूद ने बताया कि आने-जाने वाली यात्रियों पर पूरी नजर रखी जा रही है। संदिग्ध व्यक्तियों को रोक कर उनकी जांच की जा रही है।
निगम बस स्टैंड को अटैच करने की तैयारी में
जानकारी के मुताबिक मोहाली बस स्टैंड बनाने वाली कंपनी करीब चार सालों का प्रॉपर्टी टैक्स नहीं भर पाई है। करीब 15 लाख रुपये टैक्स बनता है। नगर निगम इस संबंध में कई बार कंपनी को नोटिस भी भेज चुका है। निगम इसे अटैच करने की तैयारी में था। दूसरी तरफ कंपनी के प्रबंधकों पर केस भी दर्ज हो चुके हैं। क्योंकि उन्होंने जिन लोगों से शो रूम आदि के लिए पैसे लिए थे। उनको संपत्ति का कब्जा नहीं दिया था।