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Mohali News: जमीन के विवाद में चंडीगढ़ पुलिस के मुलाजिम पर चाकू से किया हमला, 22 दिन बाद आया होश

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मोहाली। बनूड़ के गांव हुलका निवासी चंडीगढ़ पुलिस में कांस्टेबल पर जमीन के विवाद में चाकू से हमला करने का मामला सामने आया है। इस मामले में एक महीना गुजर जाने के बाद भी पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया है। मोहाली में प्रेस कांफ्रेंस के दौरान शिकायतकर्ता सुखदीप सिंह ने बताया कि वह चंडीगढ़ पुलिस का मुलाजिम है। 13 मई को ड्यूटी खत्म करके वापस अपने गांव पहुंचा तो उसके बेटे ने बताया कि उनकी जमीन पर गांव के ही राम सिंह ने दीवार बना ली है।
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जब वह अपने बेटे और भाई के साथ उन्हें रोकने गया तो वहां पर मौजूद राम सिंह, उसके तीन बेटों और दो पौत्रों ने उन पर हमला कर दिया। जब वे उसके बेटे और भाई को पीट रहे थे, तो उसने रोकने की कोशिश की लेकिन हमलावरों ने उसके सिर पर भी डंडा मार दिया। राम सिंह के बेटे सिकंदर सिंह ने चाकू से उनके पेट में दो बार वार किया। उसके बाद आरोपी मौके से भाग गया। उन्हें बनूड अस्पताल भर्ती करवाया गया। जहां से उनको सिविल अस्पताल फेज-6 रेफर कर दिया। वह 15 दिन तक वेंटीलेटर पर रहे और ऑपरेशन होने के बाद उन्हें करीब 22 दिन बाद होश आया।

शिकायतकर्ता का आरोप है कि बनूड थाने में आरोपियों के खिलाफ हलकी धाराओं के तहत मामला दर्ज किया और उनकी जमानत हो गई। जब उनकी एमएलआर रिपोर्ट आई तो पुलिस को एक धारा बढ़ानी पड़ी। उन्हें चाकू मारने वाले सिकंदर सिंह की जमानत याचिका खारिज हो गई है। पुलिस ने उसको गिरफ्तार नहीं किया है। बनूड़ थाने के एसएचओ गुरसेवक सिंह ने कहा कि हुलका गांव में दो पक्षों में झगड़े में सुखदीप सिंह के बयानों पर राम सिंह और सिकंदर सिंह सहित सात लोगों के खिलाफ धारा 326 के तहत मामला दर्ज किया गया था। इसमें सिकंदर सिंह को छोड़कर अन्य को जमानत मिल गई है।
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दूसरे पक्ष के राम सिंह ने सुखदीप के आरोपों से इनकार कर कहा कि हमला उन्होंने किया है। वह खुद घायल अवस्था में राजपुरा अस्पताल में दाखिल थे, हालत गंभीर होने के कारण उन्हें पटियाला रेफर कर दिया गया था। उनके अमृतधारी बेटे सिकंदर सिंह की पगड़ी और केस की बेअदबी की गई है। उसने खुद को बचाने के लिए सिरी साहिब से हमला किया था। वहीं गांव के सरपंच मनजीत सिंह का कहना है कि रास्ते के विवाद में दोनों पक्षों को नुकसान हुआ है। इसलिए दोनों पक्षों को बैठाकर मामला सुलझाया जाएगा।
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