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दप्पर, अजीजपुर और चंडीमंदिर टोल प्लाजा पर चक्का जाम आज

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जीरकपुर। केंद्र सरकार की ओर से पारित किए गए कृषि के नए तीन कानूनों के खिलाफ चल रहे किसान आंदोलन के मद्देनजर आज जीरकपुर-अंबाला हाईवे पर दप्पर, जीरकपुर-पटियाला हाईवे पर अजीजपुर और जीरकपुर-शिमला हाईवे पर चंडीमंदिर टोल प्लाजा पर किसानों की ओर से चक्का जाम किया जाएगा। यह चक्का जाम भारतीय किसान यूनियन और अन्य किसान संगठनों के आह्वान पर किया जा रहा है। किसान आंदोलन को और ज्यादा तेज करने की कोशिशों के बीच किसानों ने 6 फरवरी को 12 से 3 बजे तक तीन घंटे तक देशभर में चक्का जाम करने का एलान किया है। इससे आम आदमी के माथे पर शिकन आ गई है। कालका-पिंजौर किसान यूनियन के ब्लॉक प्रधान करम सिंह ने बताया कि 6 फरवरी को दिन में 12 से 3 बजे तक हाईवे पर पूरी तरह से चक्का जाम का फैसला किया गया है। वहीं, आंदोलन पर बैठे किसानों की मानें तो तीन नए कृषि कानूनों के रद्द होने तक आंदोलन जारी रहेगा और टोल प्लाजा से आवाजाही मुफ्त ही रखी जाएगी। किसानों ने कहा कि नुकसान के जिम्मेदार वे नहीं हैं, बल्कि केंद्र सरकार है और किसान मजबूरी में बैठे हैं। उनको मालूम है भरपाई आम लोगों से करवाई जाएगी।
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बता दें कि ट्राइसिटी से जाने वाले सभी टोल प्लाजा पर शनिवार को चक्का जाम किया जाएगा। सभी टोल प्लाजा पर कृषि कानूनों के विरोध में पंजाब में एक अक्तूबर से किसान आंदोलन चल रहा है। चंडीगढ़-अंबाला हाईवे पर स्थित दप्पर टोल प्लाजा और जीरकपुर-पटियाला हाईवे पर स्थित अजीजपुर टोल प्लाजा पिछले चार महीने से किसान आंदोलन के कारण बंद हैं। इसके साथ ही पंचकूला-शिमला हाईवे पर चंडीमंदिर स्थित टोल प्लाजा भी इसी कारण पिछले 39 दिन से बंद पड़ा है। इससे टोल प्लाजा पर फीस नहीं देने से वाहन चालकों को तो राहत मिली, लेकिन किसानों ने सरकार को करीब 48 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान पहुंचाया है।
जीएमआर कंपनी दप्पर टोल प्लाजा के सीआरओ दीपक अरोड़ा ने बताया कि किसान संगठन यहां टोल प्लाजा पर डेढ़ महीने से आंदोलन कर रहे हैं, जिससे करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान हो चुका है। टोल प्लाजा पर किसानों के धरने का मामला पंजाब के मुख्य सचिव के सामने भी उठाया गया है। किसानों के कारण टोल प्लाजा पर हो रहा राजस्व का नुकसान राज्य में आगामी सड़क प्रोजेक्टों को प्रभावित करेगा।
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रोजाना 18-20 लाख का नुकसान, करीब 200 मुलाजिम बेरोजगार
जीएमआर कंपनी के दप्पर टोल प्लाजा के सीआरओ दीपक अरोड़ा ने बताया कि टोल प्लाजा 12 अक्तूबर से बंद है। यहां बिना टैक्स दिए वाहन चालक गुजर रहे हैं। इस कारण रोजाना केवल दप्पर टोल प्लाजा पर 18-20 लाख रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है। इस हिसाब से अब तक करीब 24-25 लाख रुपये का नुकसान हो चुका है। वहीं पंचकूला-शिमला हाईवे पर चंडीमंदिर स्थित टोल प्लाजा के मैनेजर पवनेश ने बताया कि किसान आंदोलन के कारण रोजाना करीब 12 लाख रुपये के टोल राजस्व का नुकसान हो रहा है। यहां 25 दिसंबर से टोल प्लाजा बंद है। इसका असर यहां काम करने वाले करीब 200 मुलाजिमों पर भी पड़ा है। जो वर्तमान में बेरोजगार हैं।
किसानों ने दप्पर टोल प्लाजा पर की बैठक
केंद्र की ओर से पारित किए गए तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ संघर्ष करने के लिए लालड़ू इलाके के किसानों की कमेटी ने एक बैठक दप्पर टोल प्लाजा दप्पर पर की। इस मौके पर किसान नेता एवं शिरोमणि कमेटी के सदस्य निरमेल सिंह जोला के नेतृत्व में फैसला लिया गया है कि 6 फरवरी को दप्पर टोल प्लाजा पर 12 बजे से 3 बजे तक चक्का जाम कर धरना दिया जाएगा। इस अवसर पर बैठक में बलजिंदर सिंह, कुलदीप सिंह, मनप्रीत सिंह अमलाला, शेर सिंह, कर्म सिंह, भजन सिंह, कुलदीप सिंह, मनजीत सिंह बसोली, गुरनाम सिंह जास्तना ने इलाके के किसानों से आह्वान किया है, कि वह केंद्र सरकार की किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ जमा होकर नए कृषि कानूनों का विरोध करने के लिए 6 फरवरी को चक्का जाम संघर्ष में बढ़-चढ़कर शामिल हों। इस मौके पर उन्होंने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और कहा कि उनका संघर्ष खेती कानूनों के रद्द होने तक जारी रहेगा।
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