जीरकपुर। राजधानी चंडीगढ़ के पास होने केे चलते जीरकपुर लगातार रेजिडेंशियल व कामर्शियल हब के तौर पर विकसित हो रहा है। जहां बाहरी लोग आकर बस रहे हैं। इस कारण जहां क्राइम का ग्राफ बढ़ रहा है, वहीं सड़क हादसों में भी लगातार इजाफा हो रहा है। इन सबको देखते हुए हाईवे पर 12 प्वाइंट्स पर करीब दो साल पहले नगर काउंसिल जीरकपुर ने सीसीटीवी कैमरे लगवाए थे। प्रशासनिक अनदेखी व रखरखाव के अभाव में ट्रैफिक व क्राइम पर तीसरी आंख का काम करने वाले यह कैमरे अब खराब पड़े हैं।
बता दें कि कैमरे लगवाते समय उन प्वाइंट्स को विशेष रूप से चुना गया था, जहां हर समय दुर्घटना की आशंका रहती है ताकि किसी प्रकार की आपराधिक घटना व किसी हादसे में हिट एंड रन वाली गाड़ी का पता लगाया जा सके, लेकिन अब शहर में लगाए गए 12 सीसीटीवी कैमरों पर खर्च किए 15 लाख रुपये देखरेख के अभाव में सफेद हाथी बनकर रह गए हैं। इस समय कैमरे तो अभी भी वहां लगे हुए हैं लेकिन इनकी ट्रांसमिशन तार जगह-जगह से टूट चुकी है। कैमरो की खराबी के कारण शहर की सुरक्षा भी दांव पर लगी हुई है। वहीं पुलिस के लिए कुछ हिट एंड रन के केस आज भी पहेली बने हुए हैं। इन कैमरों की देखरेख का जिम्मा जीरकपुर नगर काउंसिल पर है। बीते कुछ महीनों में जीरकपुर क्षेत्र में कुछ हार्ड कोर क्राइम्स हुए तो वहीं चोरियां भी लगातार जारी हैं। अगर यह कैमरे चल रहे होते हो एक तो ट्रैफिक पुलिस को स्मार्ट तरीके से ट्रैफिक कंट्रोल करने में सहायता मिलती, दूसरा पुलिस को क्रिमिनल्स व हिट एंड रन एक्सीडेंट में गाड़ी ट्रेस करने में भी मदद मिलती।
ट्रैफिक पुलिस ने काउंसिल को कैमरे ठीक करवाने को लिखे 13 पत्र पर हुआ कुछ नहीं
शहर में अब तक आए ट्रैफिक इंचार्ज खराब सीसीटीवी कैमरा ठीक करवाने के लिए नगर काउंसिल के ईओ अधिकारी को 13 पत्र लिख चुके हैं। हाल ही में ट्रैफिक ट्रैफिक इंचार्ज रहे इंस्पेक्टर गुरजीत सिंह ने भी कैमरे ठीक करवाने के लिए काउंसिल को पत्र लिखा था। वहीं नवनियुक्त ट्रैफिक इंचार्ज संजीव कुमार भी इस मामले में ईओ को मिल चुके हैं लेकिन समस्या जस की तस है। सभी पत्रों की कॉपी ट्रैफिक पुलिस के कंट्रोल रूम जीरकपुर में रिकॉर्ड के रूप में रखी हुई है।
बीते महीने नवनियुक्त डीसी मोहाली गिरीश दयालन ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बढ़ती ट्रैफिक समस्या और सड़क हादसों को लेकर जीरकपुर सहित संपूर्ण डेराबस्सी विधानसभा का दौरा करके अधिकारियों को ट्रैफिक सिस्टम को बेहतर करने के निर्देश दिए थे। उनके आदेशों के बावजूद भी जीरकपुर नगर काउंसिल अधिकारियों के सिर पर जूं तक नहीं रेंगी जबकि जीरकपुर में ट्रैफिक को बेहतर तरीके से ऑपरेट करने में यह कैमरे एक मजबूत कड़ी है।