मोहाली। द अमृतसर सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक की जगदेव खुर्द शाखा में 1.38 करोड़ रुपये के गबन और धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है। स्टेट क्राइम पुलिस ने इस संबंध में छह लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। इनमें बैंक के पांच कर्मचारी और एक अन्य व्यक्ति शामिल हैं। आरोपियों में तीन मौजूदा और दो सेवानिवृत्त बैंक कर्मचारी हैं। छठे आरोपी की पहचान मेजर सिंह निवासी नंगल वंझावाला के रूप में हुई है। पुलिस ने यह कार्रवाई पंजाब ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन के निदेशक कार्यालय से 19 अगस्त को मिली शिकायत के बाद की।
आरोपी बैंक कर्मचारियों में अकाउंटेंट हरजिंदर सिंह, शुभनीत भुल्लर, क्लर्क भूपिंदरपाल सिंह, सेवानिवृत्त अकाउंटेंट सुरेश कुमार और सेवानिवृत्त क्लर्क रमेश कुमार शामिल हैं। बैंक की शिकायत के अनुसार, कर्मचारियों पर पद का दुरुपयोग कर मिलीभगत से वित्तीय हेरफेर का आरोप है। उन्होंने ग्राहकों के खातों से अवैध रूप से रकम निकाली और फर्जी दस्तावेज तैयार कर बैंक को नुकसान पहुंचाया। बैंक की फैक्ट फाइंडिंग टीम और वरिष्ठ ऑडिटर की रिपोर्ट में कुल 1,38,47,787 रुपये के गबन का पता चला। रिपोर्ट में करीब 80.55 लाख रुपये की रिकवरी का भी उल्लेख है।
अनियमितताओं का विस्तृत विवरण
रिपोर्ट के अनुसार, आरसीसी लिमिट में 9.63 लाख रुपये की अनियमितता पाई गई। एफडी खातों में 37.82 लाख रुपये का गबन हुआ। वर्ष 2022-23 की वाउचिंग में 22.81 लाख रुपये की गड़बड़ी सामने आई। पेंशन खातों में 8.30 लाख रुपये और इंटरसोल एंट्री में 27.94 लाख रुपये की अनियमितता दर्ज की गई। खाताधारकों की शिकायतों की जांच में 31.96 लाख रुपये की अनियमितता का खुलासा हुआ। इस मामले में बैंक ने पहले भी पुलिस को शिकायत दी थी। पुलिस ने जांच में कुछ कमियां बताई थीं और कर्मचारियों का पक्ष सुनने को कहा था। इसके बाद बैंक प्रबंधन ने कानूनी राय ली, जिसमें धोखाधड़ी पर एफआईआर और विभागीय कार्रवाई समानांतर चलाने की बात कही गई। बैंक ने दोबारा एफआईआर दर्ज करने की मांग की।
पंजाब ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन से रिकॉर्ड मिलने के बाद स्टेट क्राइम थाने में आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की विभिन्न धाराओं और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। जांच के दौरान यदि किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका या नए तथ्य सामने आते हैं तो कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। - नवप्रीत कौर, जांच अधिकारी