नगर पंचायत के अनुसार उक्त सिक्के सरकारी संपत्ति हैं। इसके अलावा इंस्टाग्राम पर ‘घड़ूंआं पिंड’ नामक पेज तथा विभिन्न टीवी चैनलों पर गांववासियों द्वारा प्राप्त किए गए सिक्कों से संबंधित तस्वीरें और अन्य सामग्री अपलोड की गई थी। नगर पंचायत की ओर से पुलिस को वीडियो और तस्वीरें भी उपलब्ध करवाई गई हैं।
शिकायत में मांग की गई थी कि खुदाई वाली जगह के साथ लगती दुकानों तथा वीडियो में सरकारी जगह से सिक्के निकालने वाले लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर सिक्कों को बरामद किया जाए, ताकि सरकार को होने वाले वित्तीय नुकसान से बचाया जा सके। शिकायत में 2 दुकानदारों लवली पुत्र शाम सिंह, वार्ड नंबर 3 तथा कपिल देव भंडारी पुत्र भूसी, वार्ड नंबर 3, घड़ूंआं के नाम दर्ज किए गए हैं।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शुरू की जांच
पुलिस कार्रवाई के अनुसार 27 अगस्त को शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच की गई। पुलिस ने प्रथम दृष्टया इंडियन ट्रेजर ट्रोव एक्ट, 1878 की धारा 20 और धारा 303 बीएनएस के तहत मामला बनता पाए जाने पर दोनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। इसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल की जांच शुरू कर दी।
पुलिस द्वारा मामले से संबंधित दस्तावेज, वीडियो तथा अन्य सामग्री को जांच का हिस्सा बनाया गया है। पुलिस अब खुदाई के दौरान मिले सिक्कों की संख्या, उनकी वास्तविक स्थिति तथा कथित तौर पर बरामद या ले जाए गए सिक्कों संबंधी जानकारी जुटाने में लगी हुई है। मामले की आगामी जांच जारी है।