मोहाली। जमीनों के इंतकाल में हेराफेरी कर एरो सिटी में गमाडा से जमीन का मुआवजा वसूलने की शिकायत मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को दी गई है। करोड़ों की हेराफेरी के इस मामले में एक मजबूत नेक्सेस की आशंका जताई गई है।
एक महिला के वारिसों ने अपनी जमीन की तलाश शुरू की तो उन्होंने कागजों में हेराफेरी कर जमीन हड़पे जाने का आरोप लगाया। महिला के वारिस एसडीएम को शिकायत दे चुके हैं, लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर अब उनके वकील ने सीएम सहित राजस्व विभाग, डीसी मोहाली और गमाडा के सामने इंतकाल में हेराफेरी का मामला उठाया है।
गांव माणकपुर शरीफ के बदन सिंह की विधवा पत्नी गुलाब कौर को करीब 65 साल पहले सरकार की तरफ से जमीन एलाट हुई थी। गुलाब कौर के वारिस जब विरासत इंतकाल चढ़वाने के लिए पटवारखाने पहुंचे तो वहां गुलाब कौर के पति का नाम बदल कर बदन सिंह उर्फ तेजा सिंह कर दिया गया। जिससे विरासत इंतकाल तेजा सिंह के पोतों के नाम दर्ज था। गुलाब कौर के वारिसों ने इसकी शिकायत एसडीएम को दी। अब उनके वकील नलिन कौशिक ने सीएम को पूरे मामले की शिकायत पंजाब सरकार की शिकायत निवारण वेब साइट के जरिये की है। नलिन कौशिक ने कहा कि गुलाब कौर को अनुसूचित जाति की महिला होने के कारण वो जमीन एलाट हुई थी। अब उस जमीन का इंतकाल जट्ट सिख परिवार के नाम दर्ज है। ऐसा कैसे हो सकता है।
वहीं ऐसा ही एक दूसरा कौशिक ने सीएम को भेजा है। जिसमें गांव बांकरपुर में भी गुलाब कौर पत्नी बिशन सिंह के नाम जमीन का इंतकाल दर्ज है। इस इंतकाल की विरासत में तेजा सिंह गुलाब कौर का पुत्र है। एडवोकेट कौशिक का कहना है कि इस इंतकाल में भी हेराफेरी की गई है। माणकपुर शरीफ में जमीन की धोखाधड़ी करने वालों ने एसडीएम कोर्ट में फर्जी तरीके से जमीन की विरासत को चैलेंज करवा दिया। एसडीएम कोर्ट ने जमीन के इंतकाल पर स्टे दिया हुआ है। कौशिक ने गमाडा द्वारा जमीन एक्वायर कर बनाई जा रही एरो सिटी में बड़ी धोखाधड़ी की आशंका जताई है। उन्होंने आशंका जताई कि जमीनों की फर्जी विरासत बना गमाडा से करोडों का मुआवजा हड़पा गया है। कौशिक ने सीएम से इस पूरे मामले की जांच करवाने की मांग उठाई है।