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एनआरआई की जमीन पर बैंक से 45 लाख का कर्ज लेने के आरोप में नौ पर केस दर्ज

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मोहाली। फर्जी दस्तावेजों और गवाहों के आधार पर कनाडा निवासी एनआरआई की 16 एकड़ जमीन पर बैंक से 45 लाख रुपये का कर्ज लेने के आरोप में नौ लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
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एनआरआई मूल रूप से फतेहगढ़ साहिब जिले के गांव मंढेरां के रहने वाले एनआरआई रणजीत सिंह ने धोखाधड़ी की शिकायत एनआरआई विंग के एडीजीपी अमनदीप सिंह राय को दी थी। इस मामले में जांच के बाद मोहाली के एनआरआई थाने में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
एनआरआई रणजीत सिंह वर्ष 1993 से अपने परिवार के साथ कनाडा में रह रहे हैं। गांव मंढेरां में उनकी 16 एकड़ पैतृक जमीन है। जो उन्होंने गांव के ही मसकीन सिंह को ठेके पर दी हुई है। रणजीत सिंह ने एडीजीपी अमनदीप सिंह राय को दी शिकायत में बताया कि मसकीन सिंह ने उन्हें फोन पर बताया कि मोरिंडा की कैनरा बैंक ब्रांच के कर्मचारी जमीन देखने आए थे और उन्होंने इस जमीन पर 45 लाख रुपये के कर्ज की बात कही। उनके पिता महिंदर सिंह उनके साथ कनाडा में रहते हैं और उन्होंने कोई बैंक कर्ज नहीं लिया। जमीन की जमाबंदी देखने पर पता चला कि किसी ने 6 जुलाई, 2018 को फर्जी महिंदर सिंह बनकर जमीन के फर्जी दस्तावेज तैयार करवाकर उनकी जमीन बैंक के पास गिरवी रखकर 45 लाख रुपये का कर्ज लिया है। रणजीत सिंह ने इस धोखाधड़ी के लिए तत्कालीन पटवारी करमजीत सिंह, बैंक अधिकारियों और तहसीलदार पर मिलीभगत का आरोप लगाया है।
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रणजीत सिंह ने कहा कि पटवारी करमजीत सिंह उन्हें और उनके पिता महिंदर सिंह को निजी तौर पर जानता है। लिहाजा उसकी मिलीभगत के बिना यह धोखाधड़ी नहीं हो सकती। एडीजीपी राय ने इस मामले की जांच एनआरआई विंग के एआईजी राजविंदर सिंह को सौंप दी।
एआईजी ने जांच के बाद अपनी रिपोर्ट में कहा कि फर्जी गवाह और दस्तावेजों पर धोखाधड़ी की गई है। लिहाजा इस मामले में केस दर्ज किया जाए। जिला फतेहगढ़ साहिब के ही गांव मंढेरां के रहने वाले राजिंदर सिंह ने फर्जी महिंदर सिंह बनकर फर्जी गवाहों के जरिये कैनरा बैंक से 45 लाख रुपये का कर्ज हासिल किया है। जिसे वापस नहीं किया गया। जबकि इस दौरान असली महिंदर सिंह कनाडा में थे।
एआईजी ने आरोपी राजिंदर सिंह के अलावा 8 फर्जी गवाहों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की सिफारिश की है। विस्तृत जांच के दौरान राजस्व विभाग और बैंक के अधिकारियों की मिलीभगत सामने आती है तो उनके खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया जाए। इसके बाद एडीजीपी ने मोहाली के एनआरआई थाने को इस मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू करने के आदेश दिए।
इस पर मोहाली के एनआरआई थाने में फर्जी महिंदर सिंह बने राजिंदर सिंह के अलावा सरपंच शिंदर सिंह, अर्जुन सिंह, भजन सिंह, सुखदर्शन सिंह, सुखविंदर सिंह, रणजीत सिंह, गुरनाम सिंह और दर्शन सिंह के खिलाफ आईपीसी की धारा 420, 406, 467, 468, 471 व 120बी के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। इस मामले की जांच की जा रही है।
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