जीरकपुर। स्थानीय पुलिस ने मोटी रकम वसूलकर बिना लाइसेंस के फर्जी स्टॉम्प बेचकर प्रॉपर्टी के कागजात में हेराफेरी करने के मामले में गिरोह के चार और शातिरों को गिरफ्तार किया है। इस मामले में गिरोह के सरगना हरीश अरोड़ा को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। शुक्रवार को गिरोह के जो चार शातिर गिरफ्तार किए गए हैं, इनकी पहचान इशान ठाकुर निवासी राजपुरा, जिला पटियाला, अशोक कुमार निवासी समाना, जिला पटियाला, सचिन जिंदल निवासी सुनाम, जिला संगरूर और सतपाल जो कि तहसील कॉम्पलेक्स, सेक्टर-17 चंडीगढ़ में काम करता है के रूप में हुई है।
जानकारी के मुताबिक गिरोह का मुख्य सरगना हरीश अरोड़ा ढकोली में स्थित रॉयल मेंशन सोसायटी से रहता था और पुलिस ने उसे पटियाला रोड पर लक्की ढाबे के सामने से क्रेटा गाड़ी सहित गिरफ्तार किया था। जीरकपुर पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा-420, 465, 467, 468, 471, 120बी और इंडियन स्टॉम्प एक्ट की धारा 69 के तहत मामला दर्ज किया है।
बताया जा रहा है कि पुलिस को सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति बिना लाइसेंस के अलग-अलग स्टॉम्प पेपर बिना एंट्री के ही खाली लाकर अपने पास रखता है। इसके बाद जिस किसी को भी प्रॉपर्टी के नाम में हेराफेरी के लिए पुरानी तारीख में स्टॉम्प की जरूरत होती थी तो उससे मोटी रकम वसूल कर बेच देता था। इसके अलावा वह पुरानी तारीख में भी रजिस्टर में स्टॉम्प की खरीद की एंट्री करवाता था। इसके साथ ही स्टॉम्प पर अपने पास हलफिया बयान वाली टिकटों पर अपने हस्ताक्षर करके जाली मुहर लगाकर रखता था।
वहीं, पुलिस को यह भी सूचना मिली थी कि सरगना हरीश अरोड़ा की कई निजी बैंकों के साथ भी बड़ी सेटिंग थी। इसका फायदा उठाकर वह अलग-अलग बैंकों को एक दिन में करीब 300-400 जाली स्टॉम्प पेपर दे रहा था। जानकारी के मुताबिक हरीश अरोड़ा ने अपने घर पर ही प्रिंटर लगाया हुआ था और कुछ काम उसका ऑनलाइन चल रहा था। पुलिस ने सूचना के आधार पर ट्रैप लगाकर उसे गिरफ्तार कर लिया था। वहीं, इस मामले में पुलिस कुछ भी कहने से बच रही है और हिरासत में लिए गए मुख्य सरगना से क्या खुलासे हुए हैं इसकी जानकारी नहीं दी जा रही।