जीरकपुर। कोरोना वायरस के बचाव के लिए लगाए गए कर्फ्यू का उल्लंघन करने के मामले में जीरकपुर पुलिस ने 21 लोगों को राउंडअप किया है। सोमवार को 12 लोगों को बेमतलब घूमते हुए राउंडअप किया गया और उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया जबकि मंगलवार को नौ लोगों को राउंडअप किया गया है।
पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह द्वारा सोमवार को पंजाब में कर्फ्यू लगाया गया, जीरकपुर और ढकोली क्षेत्र में सोमवार को कर्फ्यू के बावजूद लोग सड़क पर घूमते पाए गए। इसी वजह से इन सभी पर कार्रवाई की गई। कर्फ्यू के दौरान मंगलवार को शहर के अधिकतर स्थानों पर सन्नाटा रहा। लेकिन, कुछ जगहों पर लोग कर्फ्यू के बावजूद बाज नहीं आए और घरों से बाहर निकलते रहे।
इसके बावजूद पुलिस ने सख्ती दिखाई। पुलिस ने कहीं डंडे चलाए तो किसी जगह पर सड़कों पर निकले लोगों से कान पकड़वा कर उठक-बैठक करवाई। जीरकपुर शहर में कर्फ्यू का उल्लंघन करने के मामले सामने आए। यहां कर्फ्यू के उल्लंघन के आरोप में 21 लोगों के खिलाफ सरकारी नियमों का उल्लंघन करने के मामले में धारा 188 के अंतर्गत केस दर्ज किए गए। जिसे नेम ऐंड शेम नाम दिया गया जिससे लोगों को शर्मिंदगी महसूस हो सके।
ये है कर्फ्यू की वजह
संक्रमण रोकने के लिए राज्य में धारा 144 लगाई गई थी, फिर लॉकडाउन कर दिया गया था, लेकिन इसका असर दिखाई नहीं दिया और नए केस सामने आते रहे।
इसके बाद सरकार को यह कदम उठाना पड़ा। सोमवार सुबह पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन मरिंदर सिंह ने राज्य के मुख्य सचिव और प्रदेश के डीजीपी के साथ 3 घंटे की मैराथन मीटिंग की। इसमें यह चर्चा हुई कि लोग लॉकडाउन को नहीं मान रहे हैं, इसलिए कर्फ्यू लगाना जरूरी है। दूसरी वजह यह है कि प्रदेश में कई लोग विदेशों से लौटे हैं।
कर्फ्यू और लॉकडाउन में यह है अंतर
अराजक हुई पंजाब की जनता को यह समझने की जरूरत है कि कर्फ्यू और लॉकडाउन में क्या अंतर है। कर्फ्यू और लॉकडाउन के बीच प्रशासन की ओर से दी जाने
वाली छूट का फर्क होता है। लॉकडाउन में जरूरी सेवाएं बंद नहीं की जाती हैं। जैसा कि इस समय देश में कई राज्यों में लॉकडाउन हो रखा है, लेकिन सभी जगह जरूरी सामान के लिए दुकानें खुली हुई होती हैं। लॉकडाउन एक इमरजेंसी प्रोटोकॉल है यानि अलग-थलग करने के लिए, अथॉरिटी जब लोगों को किसी एक जगह सीमित करना चाहती है तो उसे लॉकडाउन का नाम दिया जाता है। ऐसे समय में लोगों को किसी इलाके या इमारत में रहने के निर्देश दिए जाते हैं और वहां से न निकलने को कहा जाता है।