मोहाली। शहर में ट्रैफिक पुलिस की ऑनलाइन चालान प्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। ताजा मामला ऐसा सामने आया है, जिसने तकनीकी खामियों और निगरानी व्यवस्था की विश्वसनीयता पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। धनास चंडीगढ़ निवासी कार मालिक हरीश गुप्ता को एक ऑनलाइन चालान मिला है। इसमें उनकी कार का नंबर दर्ज था, लेकिन चालान के साथ लगी फोटो में मोटरसाइकिल सवार नजर आ रही है। चालान में पिलियन राइडर बिना हेलमेट का उल्लंघन दर्शाया गया है, जबकि संबंधित वाहन एक कार है। हरीश गुप्ता का कहना है कि जिस समय यह चालान जारी हुआ, उनकी कार घर पर खड़ी थी।
यह चालान इंडस्ट्रियल एरिया, फेज-2 स्थित पीटीएल लाइट के पास लगे कैमरे में कैद तस्वीर के आधार पर काटा गया है। इस मामले की सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि फोटो में दिख रही मोटरसाइकिल पर वही नंबर प्लेट लगी है, जो हरीश गुप्ता की कार पर है। दोनों वाहनों पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगी बताई जा रही है। इससे यह मामला और गंभीर हो जाता है। इससे यह आशंका भी जताई जा रही है कि कहीं नंबर प्लेट की डुप्लीकेसी या क्लोनिंग का मामला तो नहीं है। लोगों का कहना है कि ऐसे मामलों में ट्रैफिक पुलिस को चालान जारी करने से पहले तथ्यों की जांच और सत्यापन की प्रक्रिया को और मजबूत करना चाहिए। वहीं, हरीश गुप्ता ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और गलत चालान को रद्द करने की मांग की है।
गड़बड़ियों से बढ़ी लोगों की परेशानी
ट्रैफिक पुलिस की ऑनलाइन चालान प्रणाली में सामने आ रही गड़बड़ियों ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। शहर निवासियों का कहना है कि कैमरा आधारित सिस्टम में गलत नंबर या वाहन की पहचान होने से निर्दोष लोगों को बेवजह चालान भुगतना पड़ रहा है। कई मामलों में फोटो और वाहन विवरण मेल नहीं खाते, फिर भी चालान हो जाता है। इससे लोगों को समय और पैसे दोनों का नुकसान उठाना पड़ रहा है। साथ ही, असली नियम तोड़ने वाले बच निकलते हैं, जिससे कानून व्यवस्था पर भी असर पड़ता है।