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Mohali News: नीट की परीक्षा रद्द होने पर परीक्षार्थी और अभिभावक परेशान, परिजन बोले- विद्यार्थियों के भविष्य से न हो खिलवाड़, बार-बार गड़बड़ी से टूटता है मनोबल

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मोहाली। नीट परीक्षा रद्द होने और दोबारा परीक्षा कराए जाने की चर्चाओं ने विद्यार्थियों और अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है। मोहाली के छात्रों और उनके परिवारों का कहना है कि यदि परीक्षा दोबारा कराई जाती है तो इसका सबसे ज्यादा असर उन विद्यार्थियों पर पड़ेगा, जिन्होंने पूरी मेहनत और ईमानदारी के साथ परीक्षा दी है। लोगों का कहना है कि नीट जैसी परीक्षा में गड़बड़ी की संभावना नहीं होनी चाहिए। सरकार को ऐसी व्यवस्था करनी चाहिए। आईटी के युग में एक जगह हुई गड़बड़ी को वायरल होते देर नहीं लगती है। एक सेंटर पर हुई गड़बड़ी का असर पूरे देश में नजर आने लगता है।
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मोहाली निवासी आदिल चहल ने बताया कि यह उनका पहला प्रयास था। उन्होंने कहा कि पिछले कई महीनों से वह दिन-रात मेहनत कर परीक्षा की तैयारी कर रहे थे। परीक्षा देने के बाद उन्हें अच्छे परिणाम की उम्मीद थी, लेकिन अब परीक्षा रद्द होने की चर्चाओं ने उनका आत्मविश्वास कमजोर कर दिया है। बच्चे पूरी ईमानदारी से परीक्षा देते हैं, बाद में पेपर लीक या चीटिंग जैसी बातें सामने आती हैं तो उनका सिस्टम से भरोसा टूटने लगता है। उन्होंने मांग की है कि मेहनती छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं होना चाहिए। छात्रा मोहिसा ने बताया कि यह उनका दूसरा प्रयास था। वह रोजाना 16 से 17 घंटे पढ़ाई करती थीं। इस बार उनका पेपर भी काफी अच्छा हुआ था। परीक्षा रद्द होने की संभावना ने उन्हें मानसिक रूप से परेशान कर दिया है। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक तैयारी, तनाव और दबाव के बाद यदि फिर से परीक्षा देनी पड़े तो आत्मबल टूट जाता है। अब आगे क्या होगा, इसे लेकर वह लगातार चिंता में हैं।
अभिभावक नीरज गर्ग ने कहा कि उनके बच्चे का भी यह दूसरा प्रयास था। परीक्षा के बाद पूरा परिवार अच्छे परिणाम की उम्मीद कर रहा था, लेकिन अब दोबारा परीक्षा की चर्चाओं से बच्चा तनाव में है। परिवार भी परेशान है। उन्होंने कहा कि जिन परीक्षा केंद्रों पर गड़बड़ी हुई है, केवल वहीं दोबारा परीक्षा होनी चाहिए। पूरे देश के विद्यार्थियों को परेशान करना गलत है। अभिभावकों ने मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच कर ऐसा फैसला लिया जाए, जिससे ईमानदारी से परीक्षा देने वाले छात्रों का भविष्य सुरक्षित रह सके।
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