जीरकपुर। शहर में अगर आप कोई प्रॉपर्टी खरीदने की सोच रहे हैं तो अब आपको अपना बजट थोड़ा और ज्यादा बढ़ाना होगा। जो आपने पहले बजट बनाया था उसके हिसाब से आपको अपनी जेब और ज्यादा ढीली करनी पड़ेगी। दरअसल पंजाब की कांग्रेस सरकार ने मध्यम श्रेणी वर्ग को झटका देते हुए प्रॉपर्टी की खरीद पर एक और नया स्पेशल सेस लगा दिया है। इसके लिए सरकार ने अधिसूचना जारी करके इसे तुरंत प्रभाव से उप-तहसील में लागू कर दिया है।
जानकारी के मुताबिक अंबाला-चंडीगढ़ हाईवे के दोनों ओर बसे जीरकपुर में अब प्रॉपर्टी खरीदने वालों को रजिस्ट्रेशन फीस के अलावा इंफ्रास्ट्रक्चर और डेवलेपमेंट फंड अलग से अदा करना पड़ता है। इसके बाद कहीं जाकर प्रॉपर्टी आपके नाम पर दर्ज होती है। वहीं, स्थानीय सब-तहसील के अंदर प्रॉपर्टी खरीदने वालों के लिए अलग-अलग मानक तय किए हुए हैं, जिसके मुताबिक पुरुषों को अपने नाम प्रॉपर्टी की रजिस्ट्रेशन के लिए 6 प्रतिशत, महिलाओं को 4 प्रतिशत और पति-पत्नी दोनों को एकसाथ अपने नाम पर करवाने के लिए 5 प्रतिशत के हिसाब से स्टांप ड्यूटी फीस अदा करनी पड़ रही है। यह कुल मिलाकर लाखों रुपये तक पहुंचती है। जबकि स्टांप फीस चुकाने के बाद 1-1 प्रतिशत राज्य के इंफ्रास्ट्रक्चर और डेवलेपमेंट फंड के नाम पर लिए जाते हैं।
सब-तहसील की कमाई में होगी 25 लाख रुपये तक बढ़ोतरी
जानकारी के मुताबिक स्थानीय सब-तहसील में रोजाना 60-70 प्रॉपर्टी का रजिस्ट्रेशन किया जाता है। इसके हिसाब से अकेले जीरकपुर सब-तहसील को सभी तरह के टैक्स मिलाकर करीब एक करोड़ रुपये से अधिक की आमदनी होती है। दूसरी ओर पंजाब में कांग्रेस सरकार की ओर से 5 अप्रैल से लागू किए गए स्पेशल सेस की कीमत .25 पैसे है, जिससे सब-तहसील में 10 लाख रुपये की प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री करवाने वाले को 2500 रुपये अधिक देने पड़ेंगे। इससे रोजाना होने वाली कुल कमाई में सीधे 25 लाख रुपये ज्यादा आएंगे और इन पैसों से प्रदेश की खस्ताहाल अर्थ व्यवस्था में सुधार होगा।
पंजाब सरकार की ओर से अधिसूचना जारी होने के बाद स्थानीय सब-तहसील में 0.25 पैसे सेस को प्रत्येक प्रॉपर्टी के रजिस्ट्रेशन पर लागू कर दिया गया है, जिससे अब सब-तहसील को रोजाना 25 लाख रुपये अधिक कमाई होगी।
-पुनीत बांसल, नायब तहसीलदार, सब-तहसील जीरकपुर।
कोविड-19 के चलते मध्यम श्रेणी के वर्ग से जुड़ा हर व्यक्ति पहले ही टैक्सों की मार झेल रहा है और ऊपर से अब स्पेशल सेस लागू कर दिया गया है। इस सेस का असर प्रॉपर्टी बाजार के कारोबार पर भी पड़ेगा। सरकार को चाहिए कि जो रजिस्ट्रेशन फीस ली जा रही है उसको कम किया जाए, ताकि बैंक से लोन लेकर अपना घर बनाने वालों को थोड़ी राहत मिल सके।
- हरीश गुप्ता, प्रधान, बिल्डर्स एसोसिएशन, जीरकपुर।