फेज-2 में शुक्रवार दोपहर एक झोटे ने जमकर आतंक मचाया। इस दौरान उसकी चपेट में आने से दो बाइक सवार जख्मी हो गए। इनमें से एक की बाजू टूट गई। घायल को सिविल अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।
पुलिस, नगर निगम व गांव के लोगों ने तीन घंटे की मशक्कत के बाद झोटे को काबू किया। इसके बाद उसे नगर निगम के कैटल पाउंड भेज दिया गया। वहीं, थाना फेज-1 की पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। दोनों पार्टियों को सुनवाई के लिए थाने बुलाया गया है।
जानकारी के मुताबिक यह घटना शुक्रवार दोपहर 12 बजे की है। फेज-2 स्थित बस्सी सिनेमा से डीसी ऑफिस जा रही सड़क पर ज्ञान ज्योति संस्थान के पास एक झोटा और कुछ भैसें आ गईं। इसी बीच झोटा सड़क पर मस्त हो गया। उसने वहां से बाइक पर गुजर रहे दो युवकों को अपनी चपेट में ले लिया। इस दौरान बाइक चला रहा युवक फुटपाथ पर गिरा और उसके पीछे बैठा एसी मैकेनिक लखविंदर सिंह सिर के बल गिर गया।
जमीन पर गिरते ही जहां उसका हेलमेट टूट गया। वहीं, उसकी बाजू टूट गई। जबकि बाइक को भी काफी नुकसान पहुंचा। इसके बाद भी झोटा बाज नहीं आया। उसने कई लोगों को आफत में डाला। इसी बीच घायल हुए युवकों ने पुलिस को सूचित किया।
सूचना मिलते ही पीसीआर और फेज-1 थाने की पुलिस मौके पर पहुंच गई। लेकिन पुुलिस वालों ने झोटे को काबू करने में हाथ खड़े कर दिए। फिर पुलिस ने नगर निगम वालों को मौके पर बुलाया, लेेकिन उन्हें भी झोटे को काबू करना मुश्किल हो रहा था। इसके बाद वहां से गुजर रहे गांव के युवक ने पुलिस व निगम कर्मचारियों का सहयोग किया। तब जाकर निगम ने झोटे को काबू किया।
तीन हजार लगेगा जुर्माना, हलफनामे पर होगी रिहाई
जानकारी के मुताबिक झोटे को पकड़ने के बाद नगर निगम की गोशाला में भेज दिया गया है। अभी तो मामला पुलिस के पास चल रहा है, लेकिन झोटे मालिक को झोटा छुड़ाने के लिए जहां जुर्माने के रूप में तीन हजार भरने होंगे। वहीं, एक हलफनामा भी देना होगा। इसमें यह 1बताना होगा कि दोबारा झोटा को खुला नहीं छोड़ेंगे। अगर दोबारा ऐसा होता है तो निगम द्वारा कठोर कार्रवाई की जाएगी।
मौके पर पहुंचे मालिक
झोटे को पकड़े जाने के बाद उसकी मालकिन वहां पहुंच गई। उन्होंने बताया कि वह चंडीगढ़ स्थित पलसौरा की रहने वाली हैं। अचानक झोटा वहां पहुंच गया था।
एसी मैकेनिक ने की मुआवजे की मांग
हादसे में घायल हुए एसी मैकेनिक ने कहा कि उनका सीजन पीक पर है। बाजू टूटने के कारण वह दो महीने काम नहीं कर पाएंगे। ऐसे में झोटे के मालिक उन्हें दो महीने दवाईयों पर होने वाला खर्च उठाए।