मोहाली। जुझार नगर में मामा पर चाकू से हमला करने के आरोप में दोनों सौतेले भांजों को बलौंगी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मोहम्मद एयाज, मोहम्मद शाहवान दोनों वासी जुझार नगर बलौंगी के रूप में हुई है। दोनों ने अपने मामा इमरान अहमद (42) पर चाकू से चार जगह वार किए थे। हमले में इमरान की गर्दन पर चाकू लगने से उसकी नस कट गई थी। उनका पीजीआई में इलाज चल रहा है। दोनों पर बलौंगी थाने में इरादा कत्ल का मामला दर्ज हुआ था। दोनों को गिरफ्तार करने उपरांत मोहाली कोर्ट में पेश किया गया जहां अदालत ने उन्हें दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। दोनों से वारदात में इस्तेमाल किया चाकू व उनके तीसरे साथी के बारे में पूछताछ करनी बाकी है।
पुलिस को दी जानकारी में शिकायतकर्ता फुरकान अहमद वासी मलोया कॉलोनी (चंडीगढ़) ने बताया कि उनकी बहन संजीदा की दूसरी शादी मोहम्मद गजनवी के साथ हुई थी। उसके पहली शादी के तीन बच्चे मोहम्मद एयाज, मोहम्मद शाहवान और अर्शयान है। 14 दिसंबर की रात करीब पौने 12 बजे उसे बहन संजीदा का फोन आया, जिसमें उसने बताया कि उनके पति उसके साथ झगड़ा कर रहा है और वह उसे जान से मार देगा। यह बात सुनकर शिकायतकर्ता अपने भाई इमरान अहमद, छोटी बहन और जीजा के साथ बड़ी बहन के घर जुझार नगर बलौंगी पहुंचे। जब वह जुझार नगर पहुंचे तो वहां उन्हें जीजा के पहली शादी से दो लडक़े, दो अन्य अज्ञात लड़कों के साथ मिले। उन्होंने उन्हें रास्ते में ही घेर लिया और गाली-गलौज करने लगे। जब शिकायतकर्ता और भाई इमरान ने उन्हें ऐसा करने से रोका तो उक्त आरोपियों ने मिलकर उनके साथ मारपीट करनी शुरू कर दी। इतना ही नहीं जान से मारने की नीयत से उसके भाई पर चाकू से वार किया। जब उन्होंने शोर मचाया तो उक्त आरोपी मौके से फरार हो गए। मौके से घायल इमरान को इलाज के लिए पीजीआई में दाखिल करवाया। जहां उनका इलाज जारी है। बाद में उक्त आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया।
तीसरी पत्नी लाना चाहता था आरोपी
शिकायतकर्ता फुरकान ने बताया कि आरोपी जीजा तीसरी पत्नी लाना चाहता था इसलिए वह बार-बार उसकी बहन को घर छोड़ने के लिए पीटता था। बहन ने जीजा के पहली शादी से हुए बच्चों की 13 साल की उम्र से देखभाल की अब जब वह बड़े हो गए है तो वह कह रहे हैं कि उन्हें संजीदा की जरूरत नहीं है। अगर वह घर से नहीं जाएगी तो वह उसे जान से मार देंगे। वह बहन के गहने और फोन भी छीन चुके हैं। वारदात के दिन बहन के साथ जब जीजा और उनके बच्चे मारपीट कर रहे थे तो बहन ने जीजा का फोन लेकर खुद को कमरे में बंद किया और भाइयों को सारी बात बताई और जब भाई बचाने आए तो उनके साथ मारपीट की।