खरड़। मांगों को लेकर कई दिनों से धरने पर बैठे दृष्टिहीन प्रदर्शनकारियों ने शनिवार को खरड़ बस स्टैंड पर धरना दिया। इस दौरान उन्होंने पुलिस द्वारा लगाए बेरिकेड्स को हटाते हुए सड़क के बीच बैठकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। अचानक प्रदर्शनकारियों के हाईवे पर आ जाने से यातायात जाम हो गया। वाहनों की आवाजाही पूरी तरह प्रभावित हो गई। पुलिस को उन्हें सड़क से हटाने के सभी प्रयास असफल रहे।
पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नीं ने 24 अक्तूबर को दृष्टिहीन के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ मुलाकात के दौरान पंजाब के सभी दृष्टिहीन लोगों को गोद लेने की घोषणा करके राजनीतिक तौर पर अच्छा समर्थन हासिल किया था, लेकिन इनकी ओर से लगातार मांगों संबंधी मुख्यमंत्री के साथ बार बार संपर्क करने पर उन्हें निराशा हो रही है। सरकार के इस व्यवहार से निराश दृष्टिहीनों द्वारा सरकार को चेतावनी दी गई थी कि यदि मांगों पर मुख्यमंत्री द्वारा तुरंत कोई कार्रवाई न की गई तो दृष्टिहीन 11 दिसंबर को बड़ा संघर्ष करेंगे।
पांच हजार रुपये महीना पेंशन देने की मांग
पंजाब में दृष्टिहीन लोगों के अधिकारों के लिए लड़ने वाले पंजाब के दो प्रमुख संगठनों नेशनल फेडरेशन ऑफ ब्लाइंड पंजाब ब्रांच व भारत नेत्रहीन सेवक समाज के नेताओं बलविंदर सिंह चाहल, गुरप्रीत सिंह चाहल, जसवंत सिंह कोट ईसे खां, परमिंदर सिंह फुल्लांवाला ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए बताया कि पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के साथ पिछले डेढ़ महीने में दो मुलाकातें हो चुकी हैं परंतु मुख्यमंत्री द्वारा मांगों पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। नेताओं ने बताया कि सरकारी नौकरियों में नेत्रहीनों का एक प्रतिशत आरक्षण अभी तक सरकार द्वारा नहीं भरा गया है, जिसे तुरंत भरा जाए। दृष्टिहीन व अंगहीन व्यक्तियों को पांच हजार रुपये महीना पेंशन दी जाए।
फोटो कैप्शन- सड़क पर बैठ कर प्रदर्शन करते नेत्रहीन प्रदर्शनकारी।
फोटो नंबर- 11 खरड़-फोटो नंबर 04