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Chandigarh: हाईकोर्ट के सैकड़ों वेंडरों को बड़ी राहत, अतिक्रमण हटाने की प्रशासन की कार्रवाई पर लगी रोक

Sat, 29 Jul 2023 02:23 AM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

हाईकोर्ट ने कहा कि रोजाना हजारों लोग हाईकोर्ट में आते हैं जिनमें वकील, याची, प्रतिवादी व कर्मचारी शामिल हैं। इन लोगों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था किए बगैर इस प्रकार की कार्रवाई की अनुमति सही नहीं होगी। ऐसे में प्रशासन, बार एसोसिएशन व अन्य लोग इस बारे में सुझाव सौंपे ताकि इस मामले में उचित आदेश जारी किए जाएं।
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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट - फोटो : File Photo
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विस्तार
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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट परिसर में बिना वैकल्पिक व्यवस्था व अतिक्रमण को लेकर सुनवाई पूरी किए बगैर इसे हटाने को लेकर शनिवार से आरंभ होने वाली यूटी प्रशासन की कार्रवाई पर रोक लगा दी है। कोर्ट में रोजाना आने वाले 30 हजार लोगों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था को लेकर हाईकोर्ट ने बार एसोसिएशन, यूटी प्रशासन सहित अन्य को सुझाव सौंपने का भी आदेश दिया है। हाईकोर्ट के इस आदेश से सैकड़ों वेंडरों व यहां आने वाले हजारों लोगों को बड़ी राहत मिली है।
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याचिका दाखिल करते हुए एडवोकेट पीआर यादव ने हाईकोर्ट परिसर में सैकड़ों वेंडरों व अतिक्रमण का मुद्दा उठाया था। तंदूरों के इस्तेमाल से इमारत को होने वाले नुकसान व वेंडरों द्वारा इस्तेमाल होने वाले गैस सिलिंडरों से किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में होने वाले अकल्पनीय नुकसान की दलील दी थी। इस मामले में प्रशासन ने याचिका लंबित रहते शनिवार से अतिक्रमण पर कार्रवाई का निर्णय लिया था। शुक्रवार को बार एसोसिएशन ने हाईकोर्ट से मामले में तुरंत सुनवाई का आग्रह किया था।

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इस दौरान बिना इस मामले की सुनवाई पूरी किए कोई कार्रवाई करने पर रोक लगाने की मांग की गई। इस पर याची ने बताया कि सेक्टर 1 से 6 को प्रशासन नो वेंडिंग जोन घोषित कर चुका है बावजूद इसके हाईकोर्ट में वेंडरों की भरमार है और प्रशासन ने इनके प्रति आंखें मूंदीं हैं। हाईकोर्ट में चाय के स्टॉल, ढाबे, फोटोस्टेट की दुकान, मेडिकल स्टोर आदि अवैध रूप से चल रहे हैं लेकिन इन पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।

हाईकोर्ट ने कहा कि रोजाना हजारों लोग हाईकोर्ट में आते हैं जिनमें वकील, याची, प्रतिवादी व कर्मचारी शामिल हैं। इन लोगों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था किए बगैर इस प्रकार की कार्रवाई की अनुमति सही नहीं होगी। ऐसे में प्रशासन, बार एसोसिएशन व अन्य लोग इस बारे में सुझाव सौंपे ताकि इस मामले में उचित आदेश जारी किए जाएं। इसके अतिरिक्त कोर्ट में आने वाले लोगों के सामने पार्किंग से जुड़ी कोई समस्या न आए इसको लेकर भी प्रशासन को उपाय सुझाने का निर्देश दिया है।
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वेंडर हटाना बड़ी चुनौती
हाईकोर्ट में वकीलों व आने वाले हजारों लोगों के लिए भोजन, चाय व अन्य प्रकार की रिफ्रेशमेंट इन्हीं वेंडरों से प्राप्त होती है। इनके अतिरिक्त वर्तमान में कोई व्यवस्था मौजूद नहीं है। यदि इन वेंडरों को बिना किसी विकल्प हटाया जाता है तो न तो यहां कोई स्थायी कैंटीन और न अन्य प्रकार की व्यवस्था मौजूद है। इसके साथ ही अतिक्रमण के ब्यौरे में कई ऐसे निर्माण भी हैं जो सीधे तौर पर बार एसोसिएशन से जुड़े हुए हैं जिनमें बार लाइब्रेरी के सामने बने 30 से ज्यादा प्राइवेट चैंबर शामिल हैं। सुनवाई के दौरान यूटी प्रशासन ने म्यूजियम के सामने बनी पार्किंग में मौजूद ढाबों से पर्यावरण को होने वाले नुकसान का भी जिक्र किया।
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