पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने बलटाना के पास बनाए जा रहे बरसाती नाले के निर्माण पर लगी रोक को हटा दिया है। हाईकोर्ट के इस फैसले का बलटाना के लोगों ने खुशी जताई है।
जिक्रयोग है कि बलटाना की ‘सुखना चौ’ के पुल में लगे छोटे पाइपों को बदलकर बड़े पाइप डालकर निकासी को सुचारु किया जा रहा है। वहीं, ड्रेनेज विभाग की ओर से चंडीगढ़ के इंटरनेशनल एयरपोर्ट के बरसाती पानी की निकासी के लिए नाले का निर्माण किया जा रहा है। लेकिन, इस पर स्थानीय लोगों ने ऐतराज जताया था। इसके बाद उन्होंने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट पहुंच गए थे। उन्होंने निर्माण कार्य पर स्टे ले लिया था। हाईकोर्ट ने 2 मई को सुनवाई के बाद नाले के निर्माण पर लगा स्टे हटा दिया। इसके बाद ड्रेनेज विभाग ने बरसाती नाले का निर्माण कार्य फिर से शुरू कर दिया है।
जानकारी के अनुसार, ड्रेनेज विभाग की ओर से बरसाती पानी की निकासी के लिए चंडीगढ़-दिल्ली हाईवे से च्वाइस रिसार्ट के पास से नाले का निर्माण किया जा रहा है। बलटाना गांव के नंबरदार जसवंत सिंह इस निर्माण के विरोध में हाईकोर्ट में याचिका दायर करके बरसाती नाले के निर्माण कार्य पर स्टे ले लिया था। इसके बाद 30 मार्च को निर्माण कार्य बंद हो गया था। इसके बाद हाईकोर्ट ने ड्रेनेज विभाग को आने वाली 16 मई को अपना पक्ष रखने का समय दिया था। वहीं, इस रोड को प्रयोग करने वाले हजारों लोग पेश आ रही मुश्किलों को देखते हुए ड्रेनेज विभाग ने हाईकोर्ट को मामले की सुनवाई जल्द करने की अपील की थी। इसके बाद हाईकोर्ट ने ड्रेनेज विभाग को 2 मई तक अपना जवाब दायर करने के लिए समय दिया।
सूत्रों के अनुसार याचिकाकर्ता जसवंत सिंह की ओर से वकील दीपक सोनिक और ड्रेनेज विभाग के वकील परमिंदर सिंह ने हाईकोर्ट में अपना-अपना पक्ष रखा। विभाग ने बताया कि बरसाती पानी की निकासी के लिए कवर्ड बरसाती नाले का निर्माण किया जा रहा है। विभाग ने बताया कि याचिकाकर्ता की ओर से इसको ‘सुखना चौ’ बताया जा रहा है। जोकि सरासर गलत है। इसके बाद कोर्ट ने निर्माण कार्य पर लगे स्टे को हटा लिया। साथ ही कोर्ट को गुमराह करने और अदालत का समय बर्बाद करने पर जसवंत सिंह पर 5 हजार रुपये जुर्माना लगाया।