मोहाली में डेंगू व मलेरिया की रोकथाम के लिए प्रशासन सख्त हो गया। डेंगू मच्छर के लारवा रोकने के लिए विभाग ने टीमें गठित कर दी हैं। यह टीमें घरों व दफ्तरों में कूलरों की चेकिंग करेंगी। साथ ही जरूरत पड़ने पर दवा और स्प्रे करवाई जाएगी। यह जानकारी जिला डॉ. अवतार सिंह ने दी।
उन्होंने बताया कि मलेरिया एक किस्म का गंभीर बुखार है। उन्होंने बताया कि कूलरों में लगातार पानी भरने के बाद लारवा पैदा हो जाता है। इसकी रोकथाम के लिए हफ्ते में एक दिन कूलरों की सफाई जरूर की जानी चाहती है। वहीं, अच्छी तरह सुखाने के बाद ही दोबारा कूलरों में पानी भरा पाए। कूलरों में लारवे की रोकथाम के लिए जिला सेहत विभाग की टीमें लगातार चेकिंग करेगी।
डॉ. अवतार सिंह ने बताया कि जिला सेहत विभाग ने हेल्थ सुपरवाइजर निर्मल सिंह और हेल्थ सुपरवाइजर गुरप्रीत सिंह की अगुवाई टीम गठित की है। टीम ने बुधवार को फेज-1 और जिला प्रबंधकीय कांप्लेक्स स्थित दफ्तरों के कूलरों की चेकिंग की। जिन कूलरों में लारवा पाया गया, उनमें दवा व स्प्रे किया गया। साथ ही प्रत्येक दफ्तर को सलाह दी गई कि कूलरों को हर शुक्रवार को खाली करके सुखाया जाए। इसके साथ ही टीम ने फेज-1 के रिहायसी एरिया में चेकिंग की।
ऐसे कपड़े पहनेंगे तो नहीं होगा मलेरिया
सेहत विभाग के अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वह ऐसे कपड़े पहने, जिससे पूरा शरीर ढका रहे, ताकि मच्छर न काटे। साथ ही रात को सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें।
मलेरिया या डेंगू के लक्षण
जिला एपीडोमोलोजिस्ट ने मलेरिया बुखार के लक्षणों के बारे में भी जानकारी दी। ठंड व कांपने के साथ रोजाना या तीसरे दिन तेज बुखार होना, उल्टियां, सिर दर्द होना, बुखार उतरने के बाद थकावट व कमजोर होना व बुखार उतरने के बाद शरीर में पसीना आना मलेरिया के लक्षण हैं। उन्होंने बताया कि डेंगू बुखार का इलाज सरकारी अस्पतालों में फ्री होता है।