मोहाली। गंदगी में मोमोज बनाने के मामले में आखिर प्रशासन जाग गया है। चार दिन बाद जिला प्रशासन ने स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को नगर निगम की टीम के साथ सभी खाद्य विक्रेताओं और ठेलों का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश जारी किए हैं। गंदगी मिलने या दूषित खाद्य पदार्थ बेचने पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। डीसी कोमल मित्तल का कहना है कि मटौर में रसोई से बरामद मांस के टुकड़ों को कुत्ते का मांस बताकर गलत प्रचार किया गया है। इसका विश्लेषण किया जा रहा है। पशुपालन विभाग के विशेषज्ञों के किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले वे किसी भी अफवाह पर विश्वास न करें। उनका कहना है कि पशुपालन विशेषज्ञों द्वारा जांच की जा रही है।
डीसी कोमल मित्तल का कहना है कि गंदगी में खाद्य पदार्थ तैयार किया गया या लापरवाही बरती गई तो कार्रवाई निश्चित है। जीवन को खतरे में डालने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। उपायुक्त ने बताया कि खाद्य सुरक्षा, स्वास्थ्य और नगर निगम की टीमों ने मटौर क्षेत्र में स्थित परिसरों में छापा मारा और सब्जियों व अन्य वस्तुओं सहित विभिन्न खाद्य पदार्थों के नमूने लिए। एसएसपी दीपक पारीक के अनुसार पुलिस ने इस गंभीर मानवीय लापरवाही में शामिल आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अमृत वारिंग ने बताया कि टीम ने उक्त स्थान से छह नमूने लिए हैं। खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम की धारा 63 के उल्लंघन के लिए चालान किए हैं। डीसी ने नगर निगम के कमिश्नर परमिंदर पाल सिंह को अनाधिकृत खाद्य स्टालों/रेहड़ी की जांच करने के साथ-साथ अनाधिकृत रूप से मांस काटने पर रोक लगाने और कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई करने को कहा है।