डेराबस्सी। पंजाब सरकार की ओर से अष्टाम की खरीद ऑनलाइन करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। लेकिन डेराबस्सी तहसील में लोगों को अष्टाम खरीदने के लिए काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसमें ऑनलाइन अष्टाम खरीदने के लिए लोगों को घंटों लाइन में लगना पड़ रहा है। जब लोगों को छोटे-छोटे कामों के लिए अष्टाम की जरूरत पड़ती थी तो लोग अष्टाम विक्रेता को अपना पहचान पत्र दिखाते थे और तुरंत अष्टाम खरीद लेते थे। लेकिन अब उन्हें पहले फॉर्म भरना होगा, इसके बाद उन्हें अष्टाम लेने के लिए अपनी बारी का इंतजार करना होगा। परेशान लोगों ने अपना गुस्सा जाहिर करते हुए कहा कि सरकार ने आदेश जारी करने से पहले जमीनी हकीकत को लेकर कोई सर्वे नहीं किया और आम लोगों की मुश्किलों को ओर ज्यादा बढ़ा दिया है।
बता दें कि पहले सामान्य बयानों और अन्य छोटे-छोटे कार्यों के लिए छोटा अष्टाम छपा होता था जो हर अष्टाम विक्रेता से आसानी से खरीदे जा सकते थे। अब पंजाब सरकार ने प्रिंटेड अष्टाम की बिक्री पर रोक लगा दी है और ऑनलाइन बिक्री शुरू कर दी है। डेराबस्सी तहसील परिसर में लगभग आठ अष्टाम विक्रेता हैं और इन्हीं से आसानी से प्राप्त हो जाता था। ऑनलाइन बिक्री शुरू होने के कारण अधिकांश अष्टाम विक्रेता अष्टाम नहीं बेच पा रहे हैं और कुछ विक्रेता कंप्यूटर चलाने में सक्षम नहीं हैं और कुछ के पास अष्टाम को ऑनलाइन बेचने के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं है।
वीरवार को तहसील परिसर में केवल चार अष्टाम विक्रेता ऑनलाइन बेच रहे थे, जबकि 4 अष्टाम विक्रेता अष्टाम ऑनलाइन बेचने से वंचित थे। सुबह से शाम तक दो अष्टाम विक्रेताओं की दुकानों पर अष्टाम खरीददारों की भीड़ लगी रही। अष्टाम ऑनलाइन खरीदने के लिए सबसे पहले एक फॉर्म भरना होता है, इसके बाद अष्टाम विक्रेता ऑनलाइन प्रिंट निकालकर अष्टाम देता है।
इस मौके पर तहसील परिसर में अष्टाम खरीदने आए राजिंदर सिंह, मनदीप सिंह, अजय कुमार ने कहा कि 50 रुपये का अष्टाम खरीदकर काम कराने में आधा घंटा लगता था, आज उन्हें वही काम करवाने के दो घंटे लगे हैं। ऑनलाइन सिस्टम के आने से जहां लोगों की परेशानी बढ़ गई है, वहीं अष्टाम बेचने के लिए अष्टाम विक्रेताओं को या तो खुद कंप्यूटर का ज्ञान हासिल करना होगा या फिर उन्हें कंप्यूटर ऑपरेटर को हायर करना होगा।
केवल एक पेज के फॉर्म के ले रहे 10 रुपये
अष्टाम प्राप्त करने के लिए जो फॉर्म भरना होता है, वह फोटोकॉपी की दुकान से उपलब्ध होता है। नवनीत सिंह ने बताया कि इस फॉर्म की फोटो कॉपी 2 रुपये में की जा सकती है। लेकिन दुकान मालिक इस फॉर्म को 10 रुपये में बेच रहे हैं। अगर कोई छोटी सी गलती हो जाती है तो उन्हें दोबारा फॉर्म भरने के लिए 10 रुपये खर्चने पड़ते हैं। लोगों ने मांग की है कि प्रशासन द्वारा शुरू की गई ऑनलाइन योजना को सरल बनाने पर ध्यान देते हुए प्रशासनिक अधिकारी अष्टाम प्राप्त करने के लिए नि:शुल्क फार्म उपलब्ध कराएं।
कोट्स
यह मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। तहसीलदार को हिदायत देकर मामले की जांच करवाई जाएगी। जल्द ही लोगों की समस्या को हल करवाया जाएगा। ऑनलाइन अष्टाम लेने के लिए भरे जाने वाले फॉर्म के लिए जो अष्टाम विक्रेता या अन्य कोई भी दुकानदार ज्यादा पैसे लेता पाया गया तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। -हिमांशु गुप्ता, एसडीएम डेराबस्सी।