जीरकपुर। सुखना काॅलोनी में निर्माणाधीन वाल्मीकि भवन के पीछे बनी पानी की टंकी में डूबने से सात साल की मासूम बच्ची की मौत हो गई। यह हादसा उस समय हुआ जब बच्ची प्रीति सुबह घर से चंद कदमों की दूरी पर बन रहे वाल्मीकि भवन की तरफ खेलने चली गई। वहां निर्माण कार्य में इस्तेमाल करने के लिए बनाई गई करीब पांच फीट गहरी पानी से भरी टंकी थी। बताया जा रहा है कि बच्ची खेलते हुए टंकी में गिर गई और बाहर नहीं निकल सकी। सुबह करीब 9:30 बजे जब मजदूर काम करने के लिए मौके पर पहुंचे तो उनमें से एक की नजर पानी में उतराती बच्ची पर पड़ी।मामले की जानकारी मिलने के बाद बच्ची के परिवार वाले उसे एक निजी अस्पताल में ले गए जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बच्ची के परिजनों ने ठेकेदार पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि टंकी को ढकने या उसके आसपास कोई सुरक्षा घेराबंदी नहीं की गई थी। खुले में खतरनाक रूप से बनी इस टंकी की वजह से एक मासूम की जान चली गई।
पिता करते हैं मजदूरी, मां घरेलू कामगार
बच्ची के पिता वीरपाल ने बताया कि वह मजदूरी करता है। उसकी पत्नी भी काम करती है। रोज की तरह सुबह वे काम पर चले गए थे। पता नहीं बच्ची कब खेलते-खेलते घर के पास ही बन रहे भवन की तरफ निकल गई थी। परिजनों को यह अंदेशा तक नहीं था कि उनके घर के इतने पास मौत उसका इंतजार कर रही है। परिजनों की माने तो उन्होंने बच्ची की मौत के बाद सदमे में आकर सबसे पहले उसका अंतिम संस्कार कर दिया। इसके बाद उन्होंने पुलिस को सूचना दी।
कोई चेतावनी बोर्ड नहीं, कोई बैरिकेड नहीं
स्थानीय लोगों ने बताया कि निर्माण साइट पर न तो कोई चेतावनी बोर्ड लगाया गया था और न ही टंकी के आसपास कोई बैरिकेडिंग की गई थी। साइट पूरी तरह खुली थी और बच्चे वहां बेरोकटोक खेलते रहते हैं। लोगों का कहना है कि इस प्रकार की लापरवाही भविष्य में और बड़ी घटना का कारण बन सकती है।
हमने निर्माण करने के लिए पानी की टंकी बनाई हुई है। उसे ढक कर रखते हैं। बिल्डिंग का लेंटर बनने के बाद काम कुछ टाइम से बंद है। बच्चे वहां पानी भरने आ जाते हैं। हमने तो टंकी को प्लेट से बंद की हुई थी, बाकी मुझे ज्यादा जानकारी नहीं है। -कर्म सिंह, ठेकेदार
हमारे पास जानकारी नहीं आई है। न ही कोई शिकायत है और न ही किसी अस्पताल से कोई सूचना मिली है। -जसवंत सिंह, ड्यूटी ऑफिसर थाना जीरकपुर