मोहाली के सेक्टर-117 मोहाली से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां जर्मनी में रह रहे एक परिवार को थैलियम जैसे बेहद जहरीले रसायन से जहर देने की साजिश रचने का आरोप लगाया गया है। जर्मनी से इलाज कराकर भारत लौटी रचना कपूर (49) ने आरोप लगाया है कि उनकी नवजात पोती के जन्म के मौके पर बनाई गई पंजीरी में थैलियम मिलाकर उनके पूरे परिवार को खत्म करने की कोशिश की गई। यह पंजीरी वह मोहाली से बनाकर लेकर गई थी।
रचना कपूर, जो ग्लोबल विजन नेटवर्क की निदेशक हैं। दो साल पहले उनके पति की मौत हुई थीं। उन्होंने बताया कि वह अपनी इकलौती बेटी एडवोकेट रंजीता बत्रा की दूसरी डिलीवरी के लिए जर्मनी गई थीं। वहीं पंजीरी का सेवन करने के कुछ ही दिनों बाद उनकी बेटी, समधन, देवर और ननद की तबीयत अचानक बिगड़ गई। उन्होंने दावा किया कि उनकी नवजात पोती, जिसने सिर्फ एक दिन मां का दूध पिया था, उसमें भी जहर के अंश मिले। जर्मनी की मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार, बच्चे के खून में थैलियम का स्तर 47.0 पाया गया, जबकि सामान्य स्तर 0.2 होता है। वहीं उनकी बेटी रंजीता बत्रा के शरीर में थैलियम का स्तर 9984.0 दर्ज किया गया। रचना कपूर की हालत गंभीर होने पर उन्हें एयरलिफ्ट कर भारत लाया गया। पहले मेदांता अस्पताल फिर सर गंगाराम अस्पताल और फिलहाल पारस अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है। डॉक्टरों ने पुष्टि की है कि यह बीमारी नहीं बल्कि थैलियम पॉइजनिंग का मामला है।
रचना कपूर ने अपने घरेलू सहायक अमित दुबे पर शक जताया है। वह पांच साल से उनके मोहाली स्थित घर में रह रहा था। उनका आरोप है कि जब उन्होंने अमित दुबे से जहर के बारे में सवाल किया तो वह अचानक लापता हो गया और उसके तीनों मोबाइल फोन बंद हो गए। साथ ही कंपनी के लेटरहेड, स्टांप और चेकबुक भी घर से गायब मिले। उन्होंने 18 जनवरी को मोहाली पुलिस को लिखित शिकायत दी थी, लेकिन 4 फरवरी तक एफआईआर दर्ज नहीं हुई। बुधवार को उन्होंने एसएसपी हरमंदीप सिंह हंस से मुलाकात की। इसके बाद जांच एसपी (ग्रामीण) मनप्रीत सिंह को सौंपी गई है। एसपी (ग्रामीण) मनप्रीत सिंह ने बताया कि मामला बेहद गंभीर है। सभी मेडिकल रिपोर्ट और तथ्यों की जांच की जा रही है। जांच पूरी होते ही एफआईआर दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा। रचना कपूर ने मामले की उच्च स्तरीय जांच और परिवार की सुरक्षा की मांग की है।