मोहाली। फिलिप्स कंपनी के कर्मचारी यूनियन ने पंजाब एटक के उपाध्यक्ष विनोद चुग के नेतृत्व में फेज-11 में एक बैठक की। बैठक के दौरान विनोद चुघ ने कहा कि फिलिप्स कंपनी के प्रबंधन ने कर्मचारियों से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना के फॉर्म पर जबरन हस्ताक्षर करवाए और कर्मचारियों की सहमति के बिना उनके खातों में पैसे ट्रांसफर कर दिए। इसमें 700 स्थायी और 700 अस्थायी कर्मचारियों सहित कुल 1500 कर्मचारियों को अवैध रूप से बर्खास्त कर दिया गया। कंपनी को श्रम विभाग पंजाब सरकार की अनुमति के बिना 4 सितंबर 2018 को बंद कर दिया गया। कर्मचारियों ने वर्ष 2018 में औद्योगिक ट्रिब्यूनल मोहाली में अवैध बर्खास्तगी के खिलाफ मामले दायर किए गए थे। श्रमिकों के मामलों को लंबे समय तक विलंबित करने के लिए औद्योगिक ट्रिब्यूनल मोहाली कोर्ट में एक आवेदन दायर किया गया था। उन्होंने कहा कि अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश औद्योगिक ट्रिब्यूनल मोहाली वरिंदर कमल ने 15 सितंबर को प्रबंधकों के आवेदन का निपटारा कर दिया है।