संवाद न्यूज एजेंसी
जीरकपुर। शहर में कबाड़ की दुकानों की बढ़ती संख्या पर सवाल उठ रहे हैं। लोगों ने इन दुकानों पर चोरी का सामान खरीदने के आरोप लगाए हैं। पुलिस प्रशासन से कबाड़ की दुकानों और गोदामों की नियमित जांच बढ़ाने की मांग की गई है। चोरी की घटनाओं में कबाड़ियों की संलिप्तता पहले भी सामने आ चुकी है। बीते कुछ महीने पहले वीआईपी रोड पर एक मोबाइल की दुकान से करीब 40 लाख रुपये का सामान चोरी हुआ था। यह कीमती सामान दयालपुरा गांव की झुग्गियों से बरामद किया गया था। भारतीय किसान यूनियन पुआध के वरिष्ठ उपाध्यक्ष रुस्तम शेख ने प्रीत कॉलोनी में हुई एक चोरी का हवाला दिया।
उन्होंने बताया कि एक निर्माणाधीन मकान से बिजली की तारों के 16 रोल चोरी हुए थे, जिनकी कीमत करीब 40 से 45 हजार रुपये थी। ये तारें बलटाना के एक कबाड़ी से बरामद हुईं, जिसे चोरों ने मात्र 4500 रुपये में बेचा था। रुस्तम शेख ने दावा किया कि वे अब तक कई दर्जन चोरों को पकड़कर पुलिस के हवाले कर चुके हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि शहर में अभी भी 25 से 30 ऐसे कबाड़ी हैं जो चोरी का सामान खरीदते हैं, जिसकी जानकारी पुलिस को दी जा चुकी है।
चोरी और नशे का संबंध
रुस्तम शेख ने बताया कि चोर चोरी के सामान को सस्ते दामों में बेचकर नशा करते हैं। नशे की पूर्ति के लिए वे दोबारा चोरियां शुरू कर देते हैं। उन्होंने कहा कि अब तक पकड़े गए चोरों का इतिहास जांचा जाए तो वे सभी नशेड़ी ही निकलेंगे। घरों और दुकानों की छतों से एसी की तारों की चोरी की घटनाएं रोजाना सामने आ रही हैं। सड़क किनारे खड़ी गाड़ियों के पहिए भी चोरी कर लिए जाते हैं।
पुलिस की कार्रवाई और जनता की मांग
लोगों ने चोरी का सामान खरीदने वाले कबाड़ियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। शहर में कबाड़ की दुकानों और गोदामों की संख्या तेजी से बढ़ रही है, लेकिन इनकी नियमित जांच नहीं हो रही है। स्थानीय किसान जत्थेबंदियों ने सभी कबाड़ियों का रिकॉर्ड तैयार करने और उनके द्वारा खरीदे जाने वाले सामान की जांच करने की मांग की है।
पुलिस समय-समय पर अभियान चलाकर कबाड़ की दुकानों की जांच करती है। हम तो लोगों से भी अपील करते हैं कि चोरी का सामान खरीदने या बेचने से संबंधित कोई मामला सामने आए तो तुरंत पुलिस को सूचना दें। जल्द ही दोबारा से एक अभियान के तहत कबाड़ की दुकानों की चेकिंग दोबारा से शुरू की जाएगी। - जसवीर सिंह तूर, एसएचओ जीरकपुर।