मोहाली। जिले के सरकारी स्कूलों में सुधार के लिए 9.50 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। जिसके तहत जिले 648 प्राइमरी और अपर प्राइमरी सरकारी स्कूल अब स्मार्ट स्कूल बन चुके हैं। समग्र शिक्षा अभियान और नाबार्ड के तहत स्कूलों की कायापलट की जा रही है। जिसमें नए स्मार्ट क्लास रूम्स, साइंस और कंप्यूटर लैब्स सहित स्कूल की इमारतों को नया लुक दिया जा रहा है।
सरकारी स्कूलों में करवाए जा रहे कामों की समीक्षा के लिए सोमवार को डीसी गिरीश दियालन ने शिक्षा विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों सहित कई विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की। डीसी ने अधिकारियों को स्कूलों के सभी विकास कार्यों को तय समय सीमा में पूरा करने की हिदायत दी। इस बैठक के बाद डीसी दियालन ने बताया कि जिले के सरकारी स्कूलों में आधुनिक तकनीक के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का ढांचा तैयार करने के लिए समग्र शिक्षा अभियान के तहत 2 करोड़ रुपये और नाबार्ड के तहत 7.50 करोड़ रुपये खर्च किए जाने हैं। उन्होंने बताया कि समग्र शिक्षा अभियान के तहत मिले 2 करोड़ रुपये में से 1 करोड़ 87 लाख खर्च किए जा चुके हैं। इसी तरह नाबार्ड के तहत सरकारी स्कूलों के विकास के लिए मंजूर हुए 7.50 करोड़ रुपयों में से 6 करोड़ 13 लाख रुपये मिल चुके हैं। जिनमें से 5 करोड़ 97 लाख खर्च हो चुके हैं।
डीसी ने बताया कि इस खर्च से जिले के सरकारी स्कूलों में अत्याधुनिक सुविधाएं मुहैया करवाई जा रही हैं। जिसके स्टेज 01 पैरामीटर के मुताबिक जिले के सभी 648 प्राइमरी और अपर प्राइमरी श्रेणी के स्कूलों को स्मार्ट स्कूल बनाया जा चुका है। स्टेज 02 पैरामीटर के तहत इन 648 स्मार्ट स्कूलों में से 643 को अपग्रेड किया जा चुका है।
इस बैठक में एडीसी कोमल मित्तल, एडीसी हिमांशु अग्रवाल, एसडीएम मोहाली जगदीप सहगल, एसडीएम डेराबस्सी कुलदीप बावा, एसडीएम खरड़ हरबंस सिंह, जिला शिक्षा अधिकारी एलिमेंटरी बलजिंदर सिंह सहित कई विभागों के अधिकारी मौजूद थे।