बुडैल जेल में बंद काली शूटर को प्रोडक्शन वारंट पर लाई सीआईए, लॉरेंस गैंग जुड़े होने के चलते दोनों को आमने-सामने बैठाकर होगी पूछताछ
संवाद न्यूज एजेंसी
मोहाली। पुलिस ने 10 दिन के भीतर तीन कोठियों पर फायरिंग कर करीब पांच करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने के मामले में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने आकाशदीप को इस गिरोह का मास्टरमाइंड बताया है। बुडैल जेल में बंद रविंदर सिंह उर्फ काली शूटर को भी खरड़ सीआईए स्टाफ प्रोडक्शन वारंट पर लाई है। पुलिस के अनुसार, आकाशदीप का काली शूटर से सीधा संपर्क था। काली शूटर के माध्यम से ही उसकी विदेश में बैठे कुलवीर सिंह सिद्धू से नजदीकियां बढ़ीं। काली शूटर जेल में रहते हुए गिरोह को संभाल रहा था। वहीं, कुलवीर सिंह सिद्धू विदेश से वारदात के निर्देश देता था। खरड़ सीआईए स्टाफ ने काली शूटर को अदालत में पेश किया। अदालत ने उसे दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा है। पुलिस ने आकाशदीप को उसकी गाड़ी लांडरा से ट्रेस कर गिरफ्तार किया था। उसे भी अदालत में पेश कर दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया था।
आमने-सामने पूछताछ की तैयारी
सूत्रों के अनुसार, पुलिस आकाशदीप और काली शूटर को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ करेगी। इस जांच में दोनों के बीच संपर्क की जानकारी जुटाई जाएगी। विदेश में बैठे आरोपी से कनेक्शन और फायरिंग की वारदात के पीछे दिए गए निर्देशों का भी पता लगाया जाएगा। पुलिस रंगदारी की रकम और हथियारों की व्यवस्था के स्तर की भी जांच कर रही है।
चार आरोपी गिरफ्तार, पांचवें की तलाश
पुलिस अधीक्षक वरुण शर्मा ने बताया कि आकाशदीप की निशानदेही पर तीन अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें परवीन कुमार उर्फ कालू, जसमनदीप सिंह और दुशंत शर्मा उर्फ शम्मी शामिल हैं। मामले में पांचवें आरोपी सिमरदीप सिंह उर्फ जशन की तलाश जारी है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने कुछ संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी भी की है। आकाशदीप और उसके साथियों का पुलिस रिमांड भी दो दिन के लिए बढ़ाया गया है। पुलिस अब पूरे नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों और वारदात के पीछे की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।