मोहाली। अवैध खनन व गुंडा टैक्स के खिलाफ क्रशर यूनियन व विधायक एनके शर्मा के बाद अकाली दल ने खुलकर मोर्चा खोल दिया है। बुधवार को पार्टी प्रधान सुखबीर सिंह बादल की अगुवाई में अकाली व बीजेपी नेता व वर्कर बुधवार को सड़कों पर आ गए। उन्होंने सेक्टर-76 स्थित जिला प्रबंधकीय कांप्लेक्स के बाहर प्रदर्शन किया।
पार्टी के कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए सुखबीर सिंह बादल ने जहां सरकार पर हमले किए। वहीं कहा कि जब से राज्य में अकाली-भाजपा सरकार आएगी तो खनन व गुंडा टैक्स वसूलने में शामिल कांग्रेस सरकार के तमाम नेताओं पर कार्रवाई की जाएगी। इतना ही नहीं, इन नेताओं का साथ देने वाले सिविल व पुलिस अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। जब अफसरों व पुलिस वालों पर कार्रवाई होगी तो वह खुद ही अपने आकाओं के नाम बताएंगे।
सेक्टर-76 स्थित जिला प्रबंधकीय कांप्लेक्स के बाहर मोहाली समेत साथ लगते जिलों के अकाली नेता व वर्कर जुटे। इस दौरान बादल ने कहा कि मोहाली में रेत खनन की सभी गतिविधियां अवैध हैं क्योंकि सरकारी रिकॉर्ड में इस जिले में कोई भी रेत की खान चालू नहीं है। बेशक खानों की नीलामी की जा चुकी है और खनन चल रहा है पर इसके लिए अभी तक सरकारी मंजूरी नहीं दी गई है।
इस मौके पर अकाली दल मोहाली के जिला प्रधान एनके शर्मा, फतेहगढ़ साहिब के पूर्व विधायक दीदार सिंह भट्टी, पूर्व आईएस अफसर व सीनियर अकाली नेता दरबारा सिंह गुरु, खरड़ अकाली दल के इंचार्ज रणजीत सिंह गिल, गुरप्रीत सिंह राजूखन्ना व परमजीत कौर लांडरा भी शामिल थे।
जनता पर पड़ रहा है गुंडा टैक्स का भार
सुखबीर बादल ने जिला पुलिस को चेतावनी दी कि उन्हें उन कांग्रेसी गुंडों का बचाव नहीं करना चाहिए जो गुंडा टैक्स वसूल रहे हैं। इस कारण ही रेत के ट्रक की कीमत 12 हजार रुपए से 22 हजार रुपए प्रति ट्रक हो चुकी है। 5 हजार रुपये प्रति ट्रक वसूले जा रहे गुंडा टैक्स के कारण लोगों की जेब पर बोझ पड़ रहा है। बादल ने यह भी कहा कि यदि आवश्यकता पड़ी तो वह व्यक्तिगत रूप से अवैध गतिविधि रोकने के लिए मौके पर पहुंचेंगे।
रेत की नीलामी से 1000 करोड़ आमदनी का था दावा, इकट्ठे हुए 38 करोड़
अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर बादल ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने पहले दावा किया था कि यह रेत की खानों की नीलामी करके 1000 करोड़ रुपये एकत्र किए जाएंगे पर अब तक इसने सभी खानों से सिर्फ 38 करोड़ रुपये एकत्र किए हैं। जुलाई 2019 में नई खनन नीति के तहत एकाधिकार कायम करने के मकसद से सात कलस्टरज बनाने के बाद सभी खानें 309 करोड़ रुपए में नीलाम की गई थीं। इनसे हर तीन महीने बाद 80 करोड़ रुपये एकत्र किए जाते थे, परंतु दो तिमाहियां बीत चुकी हैं तथा अभी तक उन्होंने एक पैसा भी नही दिया है। माइनर्स को जानबूझ कर वातावरण मंजूरी नहीं दी गई है।
सारे कांग्रेसी विधायक इस कारोबार में शामिल, विरोध पर होती है पिटाई
सुखबीर बादल ने कहा कि सरकार को एक भी पैसा दिए बिना अवैध ढंग से रेत खनन करने की आज्ञा दी गई है। जंगलात वाले क्षेत्रों में भी अवैध खनन की आज्ञा दी जा रही है। सभी कांग्रेसी विधायक इस अवैध धंधे में शामिल हैं और जो अधिकारी इसका विरोध करते हैं, उनकी पटियाला में खनन के जनरल मैनेजर टहल सिंह सेखों की तरह मारपीट की जा रही है।