मोहाली। पीडियाट्रिक वार्ड के उद्घाटन और निरीक्षण के वक्त ओपीडी समेत अन्य जगह डॉक्टरों के न मिलने पर डायरेक्टर प्रिंसिपल ने संज्ञान लिया है। उन्होंने सभी को मरीजों का समय पर इलाज करने और समय का पालन करने के निर्देश दिए हैं। इसका असर शनिवार को देखने को मिला। जिन डॉक्टरों पर लापरवाही के आरोप लगे थे, वही डॉक्टर निर्धारित समय से पहले अपनी सीटों पर मौजूद मिले। ओपीडी में मरीजों की जांच बिना किसी देरी के शुरू की गई। दूसरे दिन पूरा सिस्टम सामान्य से अधिक व्यवस्थित नजर आया। मरीजों ने भी राहत महसूस की। कई मरीजों के परिजनों का कहना था कि जहां शुक्रवार को उन्हें घंटों इंतजार करना पड़ा था, वहीं शनिवार को डॉक्टर समय पर बैठे मिले और जांच का काम तेजी से हुआ।
कई मरीजों की टल गई थी सर्जरी
पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने डॉ. भीमराव आंबेडकर स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (एम्स) मोहाली में नए बने 50 बेड वाले पीडियाट्रिक ब्लॉक का उद्घाटन किया था। इस दौरान डॉक्टरों में स्वास्थ्य मंत्री के कार्यक्रम में जाने की होड़ लग गई थी। अधिकांश डॉक्टर अपनी-अपनी ओपीडी छोड़कर कार्यक्रम में शामिल होने चले गए थे। दूसरी तरफ मरीज दिनभर परेशान रहे। इस वजह से कई मरीजों की सर्जरी भी टल गई थी।
पीडियाट्रिक वार्ड का उद्घाटन काफी समय से लंबित था, इसलिए यह कार्यक्रम बेहद महत्वपूर्ण था। मंत्री ने अस्पताल की सभी व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया। मैंने सभी विभागों की स्थिति देखकर जहां जरूरी था, संज्ञान लिया। हमारा पहला लक्ष्य मरीजों को समय पर इलाज देना है। इसको ध्यान में रखकर स्टाफ को समय पालन और कर्तव्यनिष्ठा के निर्देश हैं। - डॉ. भवनीत भारती, डायरेक्टर प्रिंसिपल, एम्स मोहाली