जीरकपुर। शहर में वीआईपी रोड पर हो रहे एक अवैध निर्माण संबंधी मामला सामने आया है जिस पर नगर परिषद की ओर से डिप्टी कमिश्नर मोहाली के आदेशों के बाद कार्रवाई गई और उस निर्माण को वीरवार को सील कर दिया गया। इस अवैध निर्माण संबंधी शुरू से ही नगर परिषद अधिकारियों को शिकायत की जा रही थी लेकिन अधिकारियों द्वारा इस अवैध निर्माण पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई थी। इसके बाद शिकायतकर्ताओं द्वारा डिप्टी कमिश्नर मोहाली के पास गुहार लगाई। शिकायत के बाद डिप्टी कमिश्नर ने जीरकपुर में बन रहे अवैध पीजी संबंधी रिपोर्ट मांगी थी और अवैध रूप से बन रहे इन सभी पीजी पर कार्रवाई करने के आदेश दिए थे। उन आदेशों के बाद नगर परिषद की ओर से कार्यकारी अधिकारी ने ड्यूटी मजिस्ट्रेट कम नायब तहसीलदार के साथ और पुलिस की मदद से प्लॉट नंबर 45 में बन रहे अवैध पीजी को सील किया और उसे नोटिस जारी किया है कि निर्माणकर्ता द्वारा नियमों के विपरीत किए जा रहे इस निर्माण को 7 मई 2025 को पीएमसी एक्ट1911 की धारा 195डी के अधीन नोटिस जारी किया गया था और बार-बार काम को रुकवाया गया था लेकिन निर्माणकर्ता द्वारा काम बंद नहीं किया जा रहा था। इसके चलते इस निर्माण को सील किया जाता है अगर निर्माणकर्ता द्वारा सील को तोड़ा जाता है तो उसके खिलाफ नियमों के अनुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अपील- पीजी हमेशा के लिए सील रहे
स्थानीय निवासियों ने कहा कि पिछले 5 महीनों से चल रही हमारी लगातार शिकायतों और प्रयासों के बाद, अंततः मकान नंबर 45 में बनाए जा रहे अवैध पीजी को प्रशासन द्वारा सील कर दिया गया है। हम इस सख्त कार्रवाई का स्वागत करते हैं। इस अवैध निर्माण के मालिक विक्रम हांडा को कई बार चेतावनी दी गई, लेकिन उन्होंने नियमों की खुलेआम अवहेलना करते हुए लगातार निर्माण कार्य जारी रखा। हमने हमेशा उनसे निवेदन किया कि वह एक आवासीय मकान बनाएं, न कि एक व्यावसायिक पीजी, जो क्षेत्र की शांति, सुरक्षा और आवासीय स्वरूप को बिगाड़ता है। अब भी वह जुर्माना देकर इस पीजी को चालू करने का प्रयास कर रहे हैं, जिसका हम पूरी तरह विरोध करते हैं। प्रशासन से अनुरोध करते हैं कि यह पीजी हमेशा के लिए सील रहे और आगे किसी प्रकार की अवैध गतिविधि की अनुमति न दी जाए।
निर्माण को सील कर दिया
हमें इस अवैध निर्माण संबंधी स्थानीय लोगों की ओर से शिकायतें मिल रही थी। जिन शिकायतों के आधार पर हमने पहले नोटिस जारी करके काम को रुकवाया। जब निर्माणकर्ता द्वारा काम बंद ना किया गया तो उस पर कार्रवाई करते हुए इस निर्माण को सील कर दिया गया है।- सुखविंदर सिंह एसडीओ, नगर परिषद जीरकपुर।