मोहाली/डेराबस्सी। पुरानी पेंशन बहाली समेत अन्य मांगों को लेकर पंजाब स्टेट मिनिस्ट्रियल सर्विस यूनियन की हड़ताल 40 दिन बाद मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की ओर से मांगें मानने के बाद समाप्त हो गई। यह हड़ताल आठ नवंबर को शुरू हुई और 40 दिन तक चली। इस बीच सरकारी संस्थानों में लोगों को अपना काम कराने के लिए भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। डीसी कार्यालय मोहाली में सुबह से काम करवाने आने वाले लोगों का तांता लग गया। सबसे ज्यादा भीड़ तहसीलदार दफ्तर में थी। पिछले 40 दिन से रजिस्ट्रियां बंद थीं। लोग अपनी रजिस्ट्रियां करवाने पहुंचे थे। सोमवार को मोहाली तहसील में 120 रजिस्ट्रियां हुईं।
इस तरह डेराबस्सी कार्यालय में भी रोजाना आने वाले लोग सारा दिन परेशान होते रहे। इस बीच सरकारी संस्थानों में लोगों को अपना काम कराने के लिए भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इसी बीच एसडीएम कार्यालय में लाइसेंस समेत अन्य कार्य प्रभावित हो रहे थे। इन कार्यों के लिए रोजाना लोग तहसील में धक्के खा रहे थे। इससे सबसे ज्यादा परेशानी तहसीलों में रजिस्ट्री कराने वालों को हो रही थी। आज काम शुरू होने के बाद डेराबस्सी तहसील में पंजीकरण कराने वालों का तांता लग गया। आज तहसील में 108 रजिस्ट्रेशन हुए। जबकि आम दिनों में तहसील में 30 से 35 रजिस्ट्री ही होती हैं।
कोट्स...
हड़ताल खुलने के 40 दिन बाद कुल 108 रजिस्ट्रियां देर शाम तक की गईं। काफी दिनों बाद लोगों के पेंडिंग काम होने लगे हैं।
-हरिंदर सिंह पुनिया, नायब तहसीलदार