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एरोट्रोपोलिस : भूमि अधिग्रहण का किसानों ने किया विरोध, सरकार पर जबरन जमीन अधिग्रहित का आरोप

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मोहाली। गमाडा की एरोट्रोपोलिस आवासीय परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण अवार्ड घोषित होने के बाद किसानों का विरोध बढ़ गया है। भारतीय किसान यूनियन (लखोवाल) और किसान मजदूर यूनियन ने पंजाब सरकार पर जबरन जमीन अधिग्रहित करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि यह अधिग्रहण कानूनी प्रक्रिया के तहत नहीं हुआ। इसे प्रशासनिक दबाव और पुलिस बल के सहारे किया गया है। पुलिस हिरासत से रिहा होने के बाद भारतीय किसान यूनियन (लखोवाल) के मुख्य प्रवक्ता नछत्तर सिंह बैदवान और किसान मजदूर यूनियन के प्रदेश नेता मक्कन सिंह गीगेमाजरा, करमजीत सिंह कम्मां बड़ी तथा रणबीर सिंह गरेवाल ने बयान दिया। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि सरकार की कार्रवाई वैधानिक थी तो किसानों को थानों में क्यों बैठाया गया। किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि गमाडा किसानों की उपजाऊ जमीन बेहद कम कीमत पर अधिग्रहित कर रहा है। बाद में उसी जमीन को कई गुना अधिक दरों पर बेचा जाता है। उन्होंने कहा कि इससे किसानों के साथ अन्याय हो रहा है। आम लोगों के लिए भी गमाडा की योजनाओं में प्लॉट खरीदना मुश्किल हो गया है। किसान नेताओं ने इस मुद्दे पर चुप न रहने और आंदोलन तेज करने की बात कही।
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सरकारी जमीन के मूल्यांकन पर सवाल
बैदवान ने बताया कि गांव दैड़ी की शामलात भूमि की नीलामी चार बार टल चुकी है। प्रशासन ने उसकी आरक्षित कीमत करीब 40 करोड़ रुपये रखी थी। इस कारण कोई खरीदार सामने नहीं आया। उन्होंने कहा कि जब सरकारी जमीन का मूल्य इतना अधिक तय किया जा सकता है, तो किसानों की निजी जमीन का उचित मूल्यांकन क्यों नहीं किया जा रहा।
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