मोहाली। सबसे बड़े प्रोजेक्ट एयरोट्रोपोलिस परियोजना को पर्यावरण की मंजूरी मिलने के बाद अब गमाडा ने सिटी को विकसित करने की तैयारी कर ली है। गमाडा ने एयरोसिटी के साथ ही इस सिटी को बसाने के लिए पेरीफेरल ग्रिड रोड का काम पहले ही शुरू कर दिया है। अब इसके तीन ब्लाकों बी, सी और डी की अंदरूनी सड़कों में सिविल, पब्लिक हेल्थ और इलेक्ट्रिकल का काम किया जाएगा।
इसके लिए गमाडा ने मंगलवार को टेंडर भी काल कर दिया है। आने वाले दो साल के अंदर तीनों ब्लाकों की अंदरूनी सड़कें बनकर तैयार हो जाएंगी। इसके साथ ही गमाडा तीनों ब्लाकों को विकसित करने का काम भी शुरू कर देगी। इस प्रोजेक्ट पर करीब 467.93 करोड़ रुपये की लागत आएगी। यह काम निजी कंपनी के सहयोग से होगा। अगर सब कुछ ठीक रहा तो जुलाई-अगस्त के बीच में प्रोजेक्ट पर काम शुरू हो जाएगा। गमाडा का दावा है कि इस प्रोजेक्ट को दो साल में पूरा कर लिया जाएगा।
गमाडा ने एयरोट्रोपोलिस सिटी बसाने के लिए 11 गांवों की जमीन एक्वायर की थी। गमाडा के अधिकारियों के मुताबिक यह पूरा काम विदेश की तरह होगा। इस दौरान बिजली की वायरिंग समेत सभी सुविधाएं भूमिगत रहेंगी। सेंसर वाली स्ट्रीट लाइट लगेगी। यूके की तर्ज पर साइन बोर्ड पर नंबर प्लेट रहेगी। अधिकारियों ने बताया कि इस प्रोजेक्ट पर स्मार्ट सिटी के सभी निर्धारित नियमों का पालन किया जाएगा।
ऑनलाइन जारी किए थे एलओआई
एरोट्रोपोलिस सिटी बसाने की योजना साल 2020 में शुरू की गई थी। इसके बाद साल 2021 में 11 गांवों की जमीन एक्वायर की गई थी। इसके बाद जमीन मालिकों को गमाडा की तरफ से लैटर ऑफ इंटेंट (एलओआई) देने के लिए एक पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया गया था। इसमें पहली बार गमाडा की तरफ से एलओआई लोगों के घर भेजने के बजाय फोन पर ऑनलाइन लिंक के माध्यम से भेजे गए थे। इससे लोगों को काफी फायदा हुआ था।
सबसे बड़ी होगी एयरोट्रोपोलिस सिटी
गमाडा की तरफ से एयरपोर्ट के नजदीक 5500 एकड़ में एयरोट्रोपोलिस सिटी बसाई जाएगी। पहले चरण में 1600 एकड़ में सिटी बसाने का काम शुरू किया जा चुका है। पहले चरण में चार ब्लाक ए, बी, सी और डी को गमाडा विकसित करेगा। अधिकारियों के मुताबिक ए ब्लाक को छोड़ कर बाकी तीनों ब्लाकों पर पहले विकास कार्य शुरू करने का फैसला किया गया है। अधिकारियों के अनुसार ए ब्लाक में भी जल्द ही काम शुरू होने की उम्मीद है।
एयरोट्रोपोलिस सिटी के तीन ब्लाकों की अंदरूनी सड़कों का काम शुरू किया जा रहा है। टेंडर प्रक्रिया खत्म होते ही इस पर काम शुरू कर दिया जाएगा। - अनुज सहगल, चीफ इंजीनियर गमाडा