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आग से सुरक्षित नहीं एयरोसिटी.. अभी तक नहीं बना फायर स्टेशन

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मोहाली। एयरोसिटी व इसके साथ लगते इलाकों में लोगों ने लाखों रुपये की लागत से आशियाने बनाकर रहना शुरू कर दिया है। लेकिन अभी तक उक्त क्षेत्र आग से सुरक्षित नहीं है। क्योंकि अभी तक यहां कोई फायर स्टेशन नहीं बन पाया है। इतना ही नहीं एयरपोर्ट रोड पर कई वाहनों को आग लगने की घटनाएं भी हो चुकी हैं।
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जब तक फेज-एक से फायर ब्रिगेड पहुंचती है, तब तक नुकसान काफी अधिक हो गया होता है। हालांकि यह मामला कई बार उठ चुका है। लोगों का कहना है कि अब तक इलाके स्कूल खुल गए हैं और नई कंपनियां काम करना शुरू कर देंगी। इतना ही नहीं किसान चैंबर जैसी इमारत भी उक्त क्षेत्र में ही है। ऐसे में आग से सुरक्षा के प्रबंध पुख्ता होने चाहिए।
जानकारी के मुताबिक गमाडा की तरफ से एयरोसिटी बसाने की प्रक्रिया शुरू की गई थी। जबकि करीब पांच साल पहले लोगों को प्लॉट तक के पजेशन दे दिए गए थे। इसके बाद लोगों ने घर बनाकर यहां रहना शुरू कर दिया था। लोगों का कहना है कि फायर स्टेशन फेज-एक में है। जबकि फेज-एक से एयरोसिटी की दूरी 10 से 12 किलोमीटर है। इसके अलावा कई जगह ट्रैफिक लाइट प्वाइंट हैं। वहां से एयरोसिटी पहुंचना आसान नहीं है। इसके अलावा यहां कई नामी स्कूल भी खुल गए हैं। शॉपिंग मॉल व होटल तक क्षेत्र में आ रहे हैं। ऐसे में फायर स्टेशन की जरूरत है।
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पहल के आधार पर बने फायर स्टेशन
एयरोसिटी ब्लॉक एच के प्रेसिडेंट भूपिंदर सिंह का कहना है कि एयरोसिटी को गमाडा ने बड़े महानगरों की तर्ज पर बसाया है। इलाके में फायर स्टेशन की सबसे ज्यादा जरूरत है। क्योंकि अब यह सिटी लगभग पूरी तरह से बस चुकी है। ऐसे में कभी कोई आग लगने जैसे ही अप्रिय घटना हो जाए तो लोग दिक्कत में आ जाएंगे। इसलिए प्रशासन को पहल के आधार पर फायर स्टेशन बनाना चाहिए।
लोगों को दी जाएं मूलभूत सुविधाएं
एयरोसिटी ब्लॉक सी निवासी जसविंदर सिंह का कहना है कि एयरोसिटी मोहाली की पहचान बन चुका है। लेकिन अभी तक भी इलाके में मूलभूत सुविधाओं को अभाव है। इसका खामियाजा लोगों को उठाना पड़ रहा है। प्रशासन को चाहिए कि यहां फायर स्टेशन स्थापित करवाया जाए। वहीं, इसके अलावा एक प्राथमिक सेहत केंद्र का भी निर्माण किया जाए ताकि लोगों को परेशान न होना पड़े।
फायर स्टेशन नहीं तो गाड़ी ही तैनात हो
प्रिया शर्मा के मुताबिक एयरोसिटी के साथ ही आईटी व कई गांव लगते हैं। इसके अलावा एयरपोर्ट रोड भी यहां से गुजरता है। इतना ही नहीं जेपीएल का इंडस्ट्रियल सेक्टर बस चुका है। ऐसे में फायर सेफ्टी संबंधी इंतजाम प्रशासन को पहल के आधार पर करने चाहिए। जब तक नए फायर स्टेशन नहीं बनते हैं। तब तक फायर विभाग को एक गाड़ी उक्त एरिया में तैनात कर देनी चाहिए।
लोगों की मुश्किलों को समझें
आरपी सिंह का कहना है कि एयरोसिटी से मोहाली को एक पहचान मिली है। इस प्रोजेक्ट से बाहरी राज्यों के लोगों का ध्यान भी मोहाली पर लगा था। ऐसे में प्रशासन को पहल के आधार पर इलाके को मूलभूत सुविधाएं मुहैया करवानी चाहिए। उन्हें लोगों की परेशानियों को समझना चाहिए। फायर स्टेशन, प्राथमिक सेहत केंद्र, मार्केट इलाके निवासियों की जरूरत है।
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