मोहाली। थाना बलौंगी पुलिस द्वारा पकड़े गए नकली करंसी बनाने और उसे बाजार में चलाने के आरोपी नवाब उर्फ फिरोज के मामले में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में सुनवाई हुई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए चार वर्ष कैद और आठ हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
मामला नवंबर 2021 का है जब पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि बलौंगी क्षेत्र के एक घर में नकली नोट तैयार किए जा रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस की टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी के कमरे पर छापा मारा। तलाशी के दौरान अलमारी से 69,500 रुपये के नकली नोट बरामद किए गए। बरामदगी में 100, 200, 500 और 2000 रुपये के बड़े पैमाने पर जाली नोट शामिल थे।
पूछताछ में आरोपी नवाब उर्फ फिरोज जो मूल रूप से मुरादाबाद (यूपी) का निवासी है। वह बलौंगी में एक पीजी में केयरटेकर का काम करता था, उसने कई चौंकाने वाले खुलासे किए। उसने बताया कि वह शराब, गांजा और सुल्फा लेता है। हिसार का एक युवक जो पहले बलौंगी में किराएदार था, उसने उसे नकली नोट तैयार करने की ट्रेनिंग दी। आरोपी ने स्वीकार किया कि वह बाजार से खास किस्म का कागज खरीदता था और प्रिंटर की मदद से विभिन्न मूल्यवर्ग के नोट तैयार करता था। नकली नोटों को असली जैसा दिखाने के लिए वह उनमें हरी सुरक्षा पट्टी भी जोड़ता था। आरोपी करीब दो माह से यह धंधा कर रहा था। रात के समय बाजारों में नकली नोटों को चलाकर खर्च निकालता था। बलौंगी पुलिस ने 21 नवंबर 2021 को आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। अदालत में पेश साक्ष्यों, बरामदगी और आरोपी के कबूलनामे के आधार पर उसे दोषी करार दिया गया।