वे चाहती थी कि उनकी बेटी अपनी जिंदगी में मेहनत कर एक बड़ा मुकाम हासिल करें। उन्होंने इसके लिए दिल्ली से कोचिंग ली है। सैंपल पेपर देने महीने में दो बार दिल्ली भी जाती थीं। वह मोहाली से दिल्ली अपने पिता की कार खुद चलाकर ले जाती थीं और उसी शाम घर वापस पहुंचती थीं।
भाई और पिता ने हर कदम पर दिया साथ
बड़ी होने के नाते परिवार के सभी लोग मुझे मेहनत करने के लिए कहते हैं और प्यार करते हैं। वहीं छोटा भाई जो हमेशा अपनी क्लास में टॉप करता है उस पर कोई इतना ध्यान नहीं देता है। ऐसे में वो अपनी पढ़ाई के बीच भी मुझे मेहनत करने के लिए हमेशा कहता था और साथ देता था। कई बार रिजल्ट बेहतरीन न आने के कारण थोड़ा उदास होती तो छोटा भाई और पापा मुझे समझाते थे कि मैं जरूर पास हो जाऊंगी। शायद यही कारण है कि मुझे कामयाबी मिली है। क्योंकि पिछले चार साल से इस परीक्षा की तैयारी कर रही थी और इसका फल आज मिला है।
छात्रों ने परीक्षा प्रणाली पर किया था केस, इस कारण देरी से आया परिणाम
आशिया ने बताया कि उन्होंने जनवरी, 2019 को परीक्षा दी थी। जिसका परिणाम दिसंबर, 2019 को आ गया था। लेकिन 30 से 40 छात्रों की ओर से मनचाहा परिणाम न मिल पाने के कारण केस किया गया था। इस कारण परिणाम दिसंबर, 2020 को निकाला गया। उसके मुताबिक सभी छात्रों को साढे़ 17 नंबर ज्यादा दिए गए हैं। अब परिणाम आने पर पता चला कि मैंने टॉप किया है। क्योंकि मैंने इस परीक्षा के लिए बहुत मेहनत की थी। आशिया ने बताया कि मेरा फोकस ज्यादा पढ़ाई पर ही रहता था। इसलिए कपड़ों से ज्यादा मेरे पास किताबें हैं।