पहलवान दारा सिंह की खरड़-चंडीगढ़ हाईवे पर एक प्रतिमा स्थापित है। इसके पास ही उनका दारा स्टूडियो स्थित है। यह प्रतिमा तीन धातुओं को मिलाकर बनाई गई। उनकी यह प्रतिमा एक्शन मोड में है। 2019 में उनके 90वें जन्मदिवस पर यह प्रतिमा स्थापित की गई। इस प्रतिमा की स्थापना सरबत दा भला ट्रस्ट के एसपीएस ओबराय ने करवाई थी। प्रतिमा की सुरक्षा की जिम्मेदारी मोहाली पुलिस के हवाले है।
दारा सिंह की प्रतिमा।
शहीद बिक्रमजीत सिंह के नाम पर वाईपीएस चौक
मोहाली स्थित वाईपीएस चौक का नाम शौर्य चक्र विजेता शहीद लेफ्टिनेंट कर्नल बिक्रमजीत सिंह के नाम पर है। चंडीगढ़ निवासी बिक्रमजीत सिंह जम्मू-कश्मीर के सांबा में दुश्मनों से लड़ते हुए 2013 में शहीद हुए थे। 2015 में चौक का नामकरण शहीद के नाम पर हुआ था।
बड़े पार्क का नाम वीर चक्र विजेता जोगिंदर सिंह
शाही माजरा में काफी बड़ा पार्क नगर निगम ने विकसित किया है। इस पार्क का नाम वीर चक्र विजेता शहीद हवलदार जोगिंदर सिंह के नाम पर रखा गया। जोगिंदर सिंह शाही माजरा के रहने वाले थे। शाही माजरा के पूर्व पार्षद अशोक झा ने बताया कि 1947 में देश आजाद होने के बाद कश्मीर पर जब कबायलियों ने हमला कर दिया था तो उस समय जोगिंदर सिंह ने इनसे मुकाबला किया था।
इसी लड़ाई में वे शहीद हो गए थे। जोगिंदर सिंह का परिवार अब लालड़ू में रहता है। इसी तरह फेज-3बी1 स्थित रोज गार्डन का नाम शहीद मेजर जतिंदर पाल सिंह धालीवाल और फेज-चार बोनविलिया पार्क का नाम स्काड्रन लीडर अनिल शर्मा के नाम पर रखा गया है।
मोहाली के गांव बहलोलपुर के सरकारी हाईस्कूल को कुछ समय पहले ही सीनियर सेकेंडरी का दर्जा दिया गया। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने खुद स्कूल में पहुंचकर यह एलान किया था। अब स्कूल का नाम 1971 के युद्ध में शहीद कैप्टन अमी सिंह के नाम पर रखा जाएगा। इसके अलावा खरड़ के एक प्रवेश द्वार का नाम शहीद के नाम पर है।
कारगिल पार्क की हुई स्थापना
कारगिल युद्ध के बाद मोहाली के सेक्टर-71 में कारगिल पार्क की स्थापना की गई । यह काफी आकर्षक पार्क है। इसकी लैंड स्केपिंग काफी शानदार है। इतना ही नहीं पार्क में एक विशेष फव्वारा स्थापित किया गया है। जहां पर बहुत शानदार म्यूजिक चलता है। इसके अलावा वहां पर लाइब्रेरी बनाने की योजना भी है।
शहीदों को सम्मान देना अच्छा प्रयास
सेना से रिटायर्ड कर्नल और एक्स सर्विसमैन ग्रीवासेंस सेल पंजाब के प्रधान एसएस सोही सेना के कई पूर्व फौजियों व उनके परिवारों को हक दिलाने का काम करते आ रहे हैं। उनका मानना है कि यह एक अच्छा प्रयास है। पंजाब पुलिस के रिटायर्ड कंमाडेंट वीके वैद का कहना है शहीद सपूतों का इस तरह सम्मान देना एक अचछा प्रयास है। उन्होंने कहा कि आतंकवाद के दौर में शहीद हुए पंजाब पुलिस के शहीदों को भी इस तरह का सम्मान किया जाना चाहिए।