मोहाली। डिप्टी सीएम सुखबीर बादल ने आर्थिक रूप से कमजोर (ईडब्ल्यूएस) वर्ग के 7200 परिवारों को घर मुहैया कराने के प्रोजेक्ट को हरी झंडी दे दी। साथ ही उन्होंने दावा किया कि 2020 तक राज्य के प्रत्येक गरीब परिवार को घर मुहैया करवाया जाएगा। मोहाली के विकास के संबंध में मंगलवार को पॉवरकॉम रेस्ट हाउस में उन्होंने उच्चस्तरीय मीटिंग की, जिसमें सेहतमंत्री मदनमोहन मित्तल और वित्तमंत्री परमिंदर सिंह ढींढसा भी शामिल हुए।
उन्होंने आदेश दिए गमाडा अपने अधिकार क्षेत्र में चल रहे सभी मेगा प्रोजेक्ट्स में ईडब्ल्यूएस परिवारों के लिए घर बनाने की शर्त का सख्ती से पालन कराएगा। उन्होंने गमाडा अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रस्तावित 7200 घरों का निर्माण दो साल में पूरा किया जाए। साथ ही घर अलॉट करते समय निर्धारित नियमों का पालन किया जाए। इसमें ढील बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस पर 288 करोड़ की लागत आएगी।
डिप्टी सीएम ने कहा कि मोहाली भविष्य का आईटी हब बनेगा। इसलिए गमाडा यकीनी बनाए कि चल रहे सभी विकास कार्य समय पर पूरे हों, गुणवत्ता का भी पूरा ध्यान रखा जाए। उन्होंने सख्त हिदायत दी कि भविष्य में सड़क निर्माण के जो भी टेंडर दिए जाएं, उनमें खासतौर पर एक शर्त जोड़ी जाए, जो कंपनी सड़क का निर्माण करेगी, पांच साल तक उस सड़क की मेंटेनेंस भी वही कंपनी करेगी। उन्होंने गमाडा को निर्देश दिए कि सड़कों और पार्कों की मेंटेनेंस के लिए वह नगर निगम के साथ तालमेल करे। क्योंकि फ्यूचर सिटी के रूप में प्रोजेक्ट किए जा रहे मोहाली में बुनियादी ढांचे में कोई ढील बर्दाश्त नहीं की जा सकती। मीटिंग में मुख्य सचिव राकेश सिंह, वितायुक्त राजस्व एनएस कंग, सीएम के प्रमुख सचिव और सचिव मकान निर्माण एसके संधू, डिप्टी सीएम के प्रमुख सचिव पीएस औजला, गमाडा के सीए सरबजीत सिंह और सीएम के विशेष प्रमुख सचिव गगनदीप बराड़ भी मौजूद थे।