मोहाली। शिक्षा के अधिकार कानून के तहत आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को दाखिला लेने के लिए पहले अपने घर के पास स्थित सरकारी स्कूल में जाना होगा। अगर वहां पर सीट नहीं मिलती है, तो बच्चा इलाके के निकटवर्ती प्राइवेट स्कूल में जाएगा। इस दौरान संबंधित स्कूल जिस कक्षा से पढ़ाई शुरू करता होगा। उसी कक्षा में बच्चे को दाखिला दिया जाएगा। यह जानकारी शिक्षा विभाग ने प्राइवेट स्कूलों के साथ की मीटिंग में दी। इसके अलावा आरटीई से जुडे़ कई नियमों के बारे में मीटिंग में चर्चा हुई।
मीटिंग फेज-6 स्थित शिवालिक पब्लिक स्कूल में शुक्रवार को हुई। मीटिंग में जिले के 393 प्राइवेट स्कूलों के प्रिंसिपल व टीचर शामिल हुए। वहीं, शिक्षा विभाग के कई अधिकारी मीटिंग में हाजिर रहे। जिन्होंने आरटीई और सीसई सिस्टम को लेकर स्कूलों में चल रही शंकाओं का समाधान किया। इतना ही नहीं पावर प्वाइंट प्रेजेटेंशन के माध्यम से प्रिंसिपलों को आरटीई के बारे में विस्तार से समझाया गया। इस दौरान साफ किया गया कि जिले में 2013 से आरटीई को पूरी तरह लागू कर दिया जाएगा। राज्य सरकार की तरफ से जो भी नियम कायदे तय किए गए हैं। इन्हें सभी स्कूलों को पूरा करना होगा। साथ ही मीटिंग में तय किया गया कि सिंतबर में आरटीई को लेकर दोबारा मीटिंग की जाएगी। इसमें स्कूलों के आरटीई से जुड़े सभी समस्याओं का हल कर दिया जाएगा। साथ ही कानून की बाकी शर्तों को भी साफ कर दिया जाएगा।
मीटिंग में डिप्टी डायरेक्टर स्पोर्ट्स नरिंदर सिंह, सुरिंदर कौर, दमनजीत कौर, हेमराज, मनोहर सिंह दाऊं व जिला शिक्षा अधिकारी जसविंदर सिंह हाजिर थे।
बाक्स
25 प्रतिशत सीटें होगी आरक्षित
आरटीई नियम के तहत जिले के सभी प्राइवेट स्कूलों में 25 प्रतिशत सीटें आरक्षित रहेंगी। लोगों को इसके बारे में आसानी से पता चल सके । इसके लिए स्कूलों को अपने यहां गेट पर भी इसके बारे में जिक्र करना होगा। ये जानकारी भी स्कूलों को दी गई।