मोहाली। फतेहगढ़ साहिब के एक व्यक्ति ने नकली मालिक बनकर फेज दस का फ्लैट बेच दिया। उसने खरीददार से तीस लाख रुपये बयाना भी ले लिया। परंतु कनवेयंस डीड बनवाते समय गमाडा में कागजों की पड़ताल हुई, तो आरोपी पकड़ा गया। इसके बाद गमाडा मुलाजिमों ने उसे काबू कर थाना फेज आठ के हवाले कर दिया।
जानकारी के मुताबिक फेज दस में एमआईजी इंडिपेंडेंट 758 की अलॉटमेंट गमाडा के रिकार्ड में हरमीत सिंह निवासी पहाड़ गंज, दिल्ली के नाम पर दर्ज है। 22 अप्रैल को हरमीत सिंह निवासी लोहगढ़, डेराबस्सी नामक व्यक्ति ने इस फ्लैट की कनवेयंस डीड बनवाने के लिए गमाडा में अर्जी दी। इसके साथ ही जरूरी दस्तावेज पेश किए। जब गमाडा में दस्तावेजों की पड़ताल हुई, तो पता चला कि आवेदक के पुराने और नए दस्तखत में काफी फर्क है। असली फार्म पर फोटो भी नहीं लगी थी। इसके बाद गमाडा की ईओ नवजोत कौर ने आवेदक को हाजिर होने के आदेश दिए।
खुद को हरमीत सिंह बताने वाला व्यक्ति दस मई को ईओ दफ्तर पहुंच गया। उसने खुद को असली अलॉटी ही बताया। परंतु जब सख्ती से पूछताछ की गई, तो मान गया कि वह असली हरमीत सिंह नहीं है। बल्कि उसका नाम गुरमीत सिंह है और वह फतेहगढ़ साहिब का रहने वाला है। उसने असली अलॉटी के नाम पर पहले जाली दस्तावेज तैयार कराए। फिर उनके आधार पर वह कनवेयंस डीड बनवाकर फ्लैट बेचने की फिराक में था। मौके पर खरीददार और कई प्रॉपर्टी डीलर भी पहुंच गए। बाद में गुरमीत सिंह को पुलिस के हवाले कर दिया गया। ईओ गमाडा की तरफ से पुलिस को शिकायत दी गई है।
एनआरआई महिला के साथ भी हुई थी ठगी
गमाडा में कुछ दिन पहले भी ऐसा एक मामला आया था। जिसमें एनआरआई महिला का प्लॉट लुधियाना की एक महिला ने जाली मालिक बनकर किसी को बेच दिया था। जब प्लॉट मालिक गमाडा पहुंची, तो उसे इसका पता चला। फिर जिस प्रॉपर्टी डीलर के जरिए प्लॉट बेचा गया था, उसने बहाने से महिला को लुधियाना से बुलवाया और पुलिस के हवाले कर दिया गया। महिला के खिलाफ थाना फेज आठ पुलिस ने परचा दर्ज किया था।
बंद मकानों की करते रहें पड़ताल
गमाडा की ईओ नवजोत कौर ने लोगों से अपील की है कि वे जालसाजों से सावधान रहें। खासतौर पर ऐसे अलॉटी, जिनके घरों में लंबे समय से ताले लगे हुए हैं। या ऐसे अलॉटी जो यहां नहीं रहते हैं, सावधानी बरतें। वे समय-समय पर प्रॉपर्टी का जायजा लें। साथ ही गमाडा से भी तालमेल रखें।