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Mohali News: प्लॉट बेचने के नाम पर 90 लाख ठगे, दो पर मामला दर्ज

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जीरकपुर। प्लॉट बेचने के नाम पर 90 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। पुलिस ने जांच के बाद दो लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। आरोप है कि आरोपियों ने जमीन की रजिस्ट्री कराने का झांसा देकर शिकायतकर्ता से लाखों रुपये ले लिए, लेकिन बाद में न तो रजिस्ट्री करवाई और न ही पूरी रकम वापस की। डीएसपी (लोकल) की जांच रिपोर्ट के आधार पर थाना जीरकपुर पुलिस ने संजना शर्मा निवासी भुंतर जिला कुल्लू (हिमाचल प्रदेश) और रमन कुमार निवासी सेक्टर-21 पंचकूला के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले की जांच सब इंस्पेक्टर जीवन सिंह को सौंपी गई है।
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हेजलवुड सोसाइटी हाई ग्राउंड रोड जीरकपुर निवासी राकेश नंदा ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह फ्लैट बनाने के लिए जमीन की तलाश कर रहे थे। इसी दौरान उनकी मुलाकात प्रॉपर्टी डीलर विनय गर्ग से हुई। विनय गर्ग ने उन्हें अनिल कुमार से मिलवाया, जिसने गांव नाभा में प्लॉट नंबर 46 और 47 दिखाए। कागजात के अनुसार प्लॉट नंबर 46 संजना शर्मा और प्लॉट नंबर 47 रमन कुमार के नाम पर बताया गया।शिकायतकर्ता के अनुसार दोनों प्लॉट करीब 258 गज के थे। इनका सौदा 90 लाख रुपये में तय हुआ। पहले से हुए कुछ निर्माण कार्य के लिए 12 लाख रुपये अलग से देने की बात हुई। इस तरह कुल सौदा 1 करोड़ 2 लाख रुपये में तय किया गया। राकेश नंदा ने बताया कि उन्होंने अलग-अलग तारीखों पर संजना शर्मा के खाते में 15 लाख रुपये, रमन कुमार के खाते में 10 लाख रुपये और अनिल कुमार के खाते में 30 लाख रुपये ट्रांसफर किए। इसके अलावा 30 लाख रुपये नकद भी दिए। आरोपियों ने उन्हें यह कहकर भरोसे में रखा कि तहसील में हड़ताल के कारण जमीन की रजिस्ट्री नहीं हो पा रही है।
शिकायतकर्ता ने बताया कि आरोपियों के भरोसे में आकर उन्होंने मार्च 2024 में उक्त जमीन पर फ्लैटों का निर्माण भी शुरू कर दिया। बाद में जब फ्लैट बेचने के लिए उन्होंने वकील से कागजात की जांच करवाई तो पता चला कि जमीन के दस्तावेज प्लॉट नंबर 46 और 47 से मेल नहीं खाते। इसके बाद उन्होंने आरोपियों से रजिस्ट्री कराने या रुपये वापस करने की मांग की, लेकिन आरोपी टालमटोल करते रहे। शिकायतकर्ता के अनुसार सितंबर 2024 में रजिस्ट्री कराने के नाम पर आरोपियों ने उनसे पांच लाख रुपये और ले लिए।
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पुलिस जांच में सामने आया कि दोनों पक्षों के बीच लिखित समझौता भी हुआ था। इसके तहत संजना शर्मा को सात अप्रैल 2025 तक प्लॉट नंबर 46 की रजिस्ट्री करवानी थी, जबकि रमन कुमार को 30 जून 2025 तक 72 लाख रुपये लौटाने थे। रमन कुमार अब तक केवल 20 लाख रुपये ही वापस कर पाया है।
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