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फेज-दो और चार को जलभराव से बचाने में जुटा नगर निगम
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दस इंच की नई ड्रेनेज लाइन डालने की काम किया शुरू
सींकर मशीनों से लाइनों और मेनहोल की की जा रही है सफाई

अमर उजाला ब्यूरो
मोहाली। फेज-दो और चार के सैकड़ों परिवारों को नगर निगम ने नए साल में बड़ी राहत दी है। अब बरसात के दिनों में लोगों के घरों में जलभराव नहीं होगा। इलाके में जहां जलभराव की समस्या आ रही थी निगम ने वहां पर दस इंच की नई डालकर उसे मेनहोल से जोड़ने का काम शुरू किया है। इसके साथ ही सारी ड्रेनेज लाइन को सींकर मशीनें लगाकर साफ किया जा रहा है। ताकि लोगों को किसी भी प्रकार की दिक्कत न उठानी पड़े।
जानकारी के मुताबिक फेज-दो और चार में बारिश के दिनों में लोगों को काफी दिक्कत उठानी पड़ती है। क्योंकि इलाके में पानी की उचित निकासी न होने के चलते जलभराव हो जाता था। बरसात के दिनों में तो लोगों को रातें जागकर गुजारनी पड़ती हैं। यह मामला कई बार नगर निगम के अधिकारियों के समक्ष लोगों ने उठाया था। इसके बाद निगम के इंजीनियरिंग विभाग ने पूरी प्लानिंग के बाद लाइनों को बदलने का काम शुरू किया गया है। पहले चरण में फेज-दो और चार के सेंटर से गुजरने वाली सड़क पर भरने वाली पानी की निकास को सुचारू बनाया जा रहा है। इसके तहत फेज-दो वाली साइड में ड्रेनेज की लाइन डाली जा रही है। कोशिश यह की जा रही है कि लाइनें लंबी न डाली जाएं। बल्कि लाइन को सीधा मेनहोल से जोड़ा जाए। ताकि पानी की उचित निकासी हो सके। इसके अलावा सींकर मशीनें लगाकर लाइनों को साफ किया जा रहा है। उम्मीद है कि इससे इलाके के लोगों का फायदा होगा।
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लोगों का हुआ था करोड़ों का नुकसान
फेज-चार और पांच में जब भी तेज बारिश होती है, तो जलभराव होने से लोगों का काफी नुकसान होता है। 2017 में भी इस तरह का मामला सामने आया था। जब लोगों के घरों में पानी घुस गया था। कई परिवारों का लाखों रुपये का नुकसान हुआ था। मामला राजनीति रंग ले गया था। लोग मुआवजे तक की मांग करने लगे थे। हालांकि मुआवजे की बात अधर में ही रह गई थी।
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जलभराव से निपटने के लिए पेक ने तैयार किया फार्मूला
जानकारी के मुताबिक जब शहर में जलभराव की समस्या आई थी। उसके बाद नगर निगम ने पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज पेक की टीम से एक सर्वे करवाया था। टीम ने जलभराव से निपटने के लिए कई सुझाव दिए थे। जिनपर काम भी हुआ था। हालांकि बाद में यह मामला अधर में ही रह गया था। इससे पहले जब मेंटेनेंस का काम गमाडा के पास था, तो गमाडा ने आईआईटी मुंबई की टीम से इस संबंधी सर्वे करवाया था। साथ ही अपने स्टाफ को गमाडा से ट्रेनिंग भी दिलाई थी।
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